सुल्तानपुर। निजी कंपनियों में मामूली नौकरी कर रहे इलाके के आठ युवा लॉकडाउन में पुणे में फंस गए। उनके पास पैसे के साथ राशन भी खत्म हो गया। इसकी जानकारी जब उनके परिवारीजनों को हुई तो वे परेशान हो उठे।
लंभुआ कस्बे के गोसाईं का पूरा निवासी रामसूरत साहू के दो बेटे पुणे में नौकरी करते हैं। पुणे के इंडस्ट्रियल एरिया पहलगांव की एक लिफ्ट कंपनी में यह सभी काम करते हैं। लॉकडाउन की वजह से कंपनी में कामकाज ठप है। बेटों की हालत से परेशान रामसूरत ने स्थानीय भाजपा के मंडल महामंत्री चंदन चतुर्वेदी से संपर्क साधकर बताया कि बेटों के पास रुपये, राशन आदि खत्म हो गया है।
इसके अलावा हनुमानगंज के बदल साहू, गोपाल साहू, सोमई साहू, बृजेश तिवारी, आशुतोष यादव (आजमगढ़), अश्वनी दुबे (प्रयागराज) के भी पुणे में फंसे होने की खबर मिली। ये सभी चकन डोगर बस्ती में मौजूद हैं। इस पर भाजपा नेता चंदन चतुर्वेदी ने अपने साथी व महाराष्ट्र में संघ कार्यकर्ता अजीत मिश्र के जरिये नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय में संपर्क किया। पुणे के प्रांत प्रचारक से मोबाइल पर बात की। इस पर प्रांत प्रचारक की मदद से चकन डोगर बस्ती में मौजूद इन युवाओं को एक महीने का राशन और पांच-पांच सौ रुपये की व्यवस्था की गई। मदद मिलने के बाद युवाओं के परिवारीजनों ने राहत की सांस ली।