यूपी के सुल्तानपुर में बारिश के बीच एक कमरा ढह गया। मलबे में दबकर पत्नी की मौत हो गई। जबकि, पति अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। मां की लाश देखकर इकलौता बेटा चीख उठा।
यूपी के सुल्तानपुर में लगातार बारिश के बीच गुरुवार की आधी रात 2:30 बजे एक जर्जर कमरा भरभराकर ढह गया। मलबे में दबकर महिला की मौत हो गई। जबकि, पति की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना से इकलौता बेटा चीख उठा। ग्रामीण परेशान बेटे को ढांढस बंधाते रहे।
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घटना कोतवाली देहात क्षेत्र के नरायनपुर मजरे बिसानी गांव की है। गांव निवासी पार्वती यादव (60) की मलबे में दबकर मौत हुई है। जबकि, उनके पति रामप्यारे यादव (62) की हालत नाजुक बनी हुई है। रात में सोते समय कमरे ढहने से दोनों मलबे में दब गए थे। चीख पुकार सुनकर ग्रामीणों ने दोनों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। वहां सुबह करीब 5.30 बजे पार्वती ने दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों ने राजस्व कर्मियों और पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना पर हल्का लेखपाल अमित सिंह ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। प्रभारी निरीक्षक अखंडदेव मिश्रा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
परिवार की हालत दयनीय
गरीबी का दंश झेल रहे रामप्यारे यादव के तीन बच्चे हैं। दो पुत्रियों में बड़ी पुत्री अनीता की मौत एक दशक पूर्व बीमारी की वजह से हो गई थी। दूसरी पुत्री सुनीता की शादी हो गई है। वह अपने ससुराल में है। इकलौते बेटे विजय बहादुर यादव (40) की शादी हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद ही उसकी पत्नी मायके चली गई। वापस न आकर दूसरी शादी कर ली।
भैया दो जून की रोटी अब के देई
बताया गया कि विजय को कोई संतान नहीं है। वह मजदूरी करके अपना व वृद्ध माता-पिता का जीविकोपार्जन करता था। मां के गम में विजय फफक-फफक कर रोते हुए कहता रहा कि भैया मां के हाथ से बनी दो जून की मिलने वाली रोटी अब के देई, अब कोई सहारा नहीं बचा।