प्रोजेक्ट दिखाते केएनआईटी के होनहार।-स्रोत संस्थान
सुल्तानपुर। जीपीएस का साथ छूटेगा लेकिन रोबोट की राह नहीं। केएनआईटी के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के छात्रों मानशी मौर्य, शिवम रावत, ईशान पांडेय और अभय विश्वकर्मा ने ‘टचमार्क’ तकनीक तैयार की है। जीपीएस संकेत विहीन क्षेत्रों में रोबोट को अपनी स्थिति पहचानने और तय मार्ग पर बने रहने में मदद करेगी। बृहस्पतिवार को लखनऊ में आयोजित स्टार्टअप संवाद कार्यक्रम में छात्रों ने इसका प्रदर्शन किया।
इनोवेशन हब यूपी फाउंडेशन और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय, लखनऊ की ओर से आयोजित कार्यक्रम का विषय ‘नवाचार को निवेश से जोड़ना’ था। इसमें छात्रों ने अपने दोनों तकनीकी नवाचार प्रस्तुत किए। टचमार्क में रोबोट के मार्ग पर विशेष पहचान वाले भौतिक संकेत लगाए जाते हैं। रोबोट स्पर्श और कंपन के आधार पर पहचानता है। जिससे सुरंगों, खदानों, बड़े गोदामों और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में उसके रास्ते से भटकने की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है। इसका उपयोग खासतौर पर उन स्थानों पर उपयोगी हो सकता है, जहां जीपीएस संकेत कमजोर या अनुपलब्ध होते हैं।
विद्युत अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष डॉ. सौरभ मणि त्रिपाठी ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि वास्तविक समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करने से विद्यार्थियों में नवाचार और उद्यमिता की सोच मजबूत होती है।
मरीज की बात सुनेगा क्यूरालिन्क्स
छात्रों का दूसरा नवाचार ‘क्यूरालिन्क्स’ कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डिजिटल सहायक है। यह डॉक्टर और मरीज की बातचीत से बीमारी, जांच और उपचार की जरूरी जानकारी डिजिटल रूप में दर्ज करने में सहायता करेगा। उपचार संबंधी पर्चा तैयार करने में भी मदद कर सकता है। इससे चिकित्सकों का मैनुअल काम घटाने में मदद मिलेगी।