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एफएम पर गूंजी रितेश की आवाज

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सुल्तानपुर। छात्र राजनीति से निकलकर छोटे कवि सम्मेलनों से होते हुए बॉलीवुड की दुनिया में कदम रखने वाले जिले के रितेश रजवाड़ा एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार एफएम रेनबो पर उनका इंटरव्यू काफी सुर्खियां बटोर रहा है। लाखों युवाओं ने सोशल मीडिया पर उनका इंटरव्यू शेयर किया है।
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जिले के लंभुआ तहसील क्षेत्र के रजवाड़े रामपुर गांव निवासी रितेश रजवाड़ा ने एफएम रेनबो के साक्षात्कार में बेहद सधे लहजे और बेबाक अंदाज में अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि सुल्तानपुर की धरती से मजरूह सुल्तानपुरी, अजमल सुल्तानपुरी, पं. राम नरेश त्रिपाठी जैसे महान कवि एवं साहित्यकार निकले हैं। बताया कि बॉलीवुड में सैकड़ों गीत व पटकथा लिखकर अपना एक अलग मुकाम हासिल करने वाले मनोज मुंतशिर ने उन्हें उंगली पकड़ कर आगे बढ़ाया।
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अगर वे नहीं होते तो मैं कभी भी बॉलीवुड में एंट्री नहीं कर सकता था। रितेश ने अपनी पर्सनल लाइफ से लेकर राजनीतिक जीवन तक सभी मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि दहेज एक सामाजिक कुप्रथा है, जिसे दूर करना हम युवाओं का काम है।
जब तक युवा आगे नहीं आएंगे, तब तक कुरीति से निजात नहीं मिलेगी। एक घंटे के इस कार्यक्रम को आकाशवाणी की जानी मानी एंकर राजश्री त्रिवेदी ने होस्ट किया। रितेश ने बातचीत में जनपद के ही बाबू राम सिंह, अभिषेक सिंह राणा समेत कई लोगों का जिक्र करते हुए अपने जीवन में उनके योगदान को स्वीकारा।
राजवाड़े रामपुर रियासती परिवार में जन्मे रितेश की आंखें कई बार अपने पूर्वजों व मोहब्बत के दिनों का जिक्र करते भीगीं लेकिन जब-जब उनके दोस्तों की बात आई वे चहक उठे और ऑन एयर स्वीकार किया कि परिवार से कहीं ज्यादा उनके जीवन में दोस्तों का योगदान है। फैज अहमद फैज और रामधारी सिंह दिनकर जी को अपना आदर्श मानने वाले रितेश ने बताया कि मनोज मुंतशिर न होते तो शायद वो फिल्मों में कभी न होते।
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