बल्दीराय के चकफाजिलपुर में पिछेती गेहूं की फसल।
सुल्तानपुर। जिले में मौसम का मिजाज इन दिनों किसानों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। दिन में तेज धूप और सुबह-शाम चल रही ठंडी हवा से तापमान में बड़ा उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। सोमवार को न्यूनतम तापमान 10 और अधिकतम 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत के साथ ही गेहूं की फसल पर भी दिखने लगा है।
लगातार बढ़ते तापमान से गेहूं की फसल को लेकर किसान चिंतित नजर आ रहे हैं। इस समय गेहूं की फसल बाल निकलने और दाना भरने की अहम अवस्था में है। ऐसे में अधिक तापमान रहने पर दाने कमजोर होने और उत्पादन घटने की आशंका जताई जा रही है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीके त्रिपाठी ने बताया कि गेहूं के लिए 20 से 22 डिग्री सेल्सियस तापमान सबसे अनुकूल होता है। यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि खेतों में नमी बनाए रखें और जरूरत के अनुसार हल्की सिंचाई करें।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि सोमवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री रहा। इसमें 0.5 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। दक्षिणी-पश्चिमी हवा की गति 3.5 किमी/घंटा रही। आगामी 24 घंटे में मौसम शुष्क बने रहने और हवा सामान्य गति से पश्चिमी चलने की संभावना है।
गेहूं की बढ़वार प्रभावित, पैदावार घटने की आशंका
बल्दीराय के पूरे पीर निवासी देव प्रकाश शुक्ल ने बताया कि धान कटाई के बाद हुई बारिश के चलते गेहूं की बोआई समय से नहीं हो सकी। इससे फसल की बढ़वार कम हुई है। अब अधिक सिंचाई करनी पड़ रही है। किसान बिंद्रा प्रसाद वर्मा ने कहा कि तेज धूप से खेतों की नमी घट रही है, जिससे पैदावार और भूसा दोनों कम होने की आशंका है। प्रगतिशील किसान सुहेल आलम ने अधिक सिंचाई से फसल गिरने का खतरा बताया। वहीं बैजनाथ वर्मा ने बताया कि मौसम का कोई भरोसा नहीं रह गया है। यदि गर्मी ज्यादा बढ़ी तो गेहूं की बाल सही से नहीं भर पाएगी।