सुल्तानपुर। बुजुर्ग पिता की दवा खत्म होने पर मुंबई से बेटे ने डीएम के सीयूजी नंबर पर व्हाट्स एप के जरिए मदद मांगी। डीएम के आदेश पर शुक्रवार को राजस्व कर्मी मुख्यालय से दवा लेकर बुजुर्ग के घर पहुंचे तो सभी हैरान रह गए। पीड़ित परिवार ने डीएम का आभार जताया है।
लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के जमखुरी गांव निवासी बुजुर्ग रामफेर सिंह ( 82 ) हृदय रोग से पीड़ित हैं। उनका इलाज मुंबई के एक अस्पताल से चल रहा है। वर्ष में दो बार रामफेर सिंह मुंबई में इलाज के लिए जाते हैं, जबकि हर माह उनके बेटे उदय प्रताप सिंह मुंबई से ही उनकी दवा का इंतजाम करके भेजते हैं।
उदय प्रताप मुंबई में नौकरी करते हैं। 17 मार्च को उदय प्रताप ने मुंबई से भारतीय डाक विभाग की स्पीड पोस्ट सेवा से पिता की दवा घर भेजी थी। लॉकडाउन की वजह से दवा घर पर नहीं पहुंची। पिता की दवा खत्म होने वाली थी।
इस दौरान उदय प्रताप सिंह ने डीएम सुल्तानपुर सी. इंदुमती के सीयूजी नंबर पर तीन दिन पूर्व व्हाट्स एप संदेश में पूरी बात लिखकर भेज दिया। उदय प्रताप सिंह को दो दिनों तक संदेश का कोई जवाब नहीं मिला तो वह निराश होने लगे। तीसरे दिन शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय ने उनसे संपर्क साधा और दवा के बारे में पूरी जानकारी हासिल की।
जिला मुख्यालय के एक मेडिकल स्टोर से उनके पिता की दवा खरीदी गई। एसडीएम के जरिए डीएम कार्यालय से यह दवा राजस्व निरीक्षक भुवनेश तिवारी ने शुक्रवार को उदय प्रताप सिंह के घर पहुंचाई तो परिवारीजन हैरान रह गए। उदय प्रताप सिंह ने बताया कि संकट के इस दौर में जिलाधिकारी का यह प्रयास सराहनीय है।