सुल्तानपुर। तालाब की जमीन हड़पने के लिए अभिलेखों में हेरा-फेरी करने के आरोप से जुड़े 32 साल पुराने मामले में एसीजेएम भाव्या श्रीवास्तव की अदालत में शनिवार को रिटायर्ड लेखपाल ने अपना बयान दर्ज कराया। इस मामले में उनकी जिरह नहीं हो सकी है। अदालत ने जिरह के लिए 17 मार्च की तारीख तय की है।
अमेठी जिले के स्थानीय कोतवाली के सरैया दुबान निवासी आरोपीगण राम बहोर, बेनी माधव, रामदेव, रामलाल व राम अजोर के खिलाफ तत्कालीन तहसीलदार अशोक कुमार श्रीवास्तव ने 21 अक्तूबर 1994 को अमेठी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप के मुताबिक आरोपी रामबहोर व अन्य ने तालाब की भूमि को गलत तरीके से अपने नाम दर्ज कराने के लिए कूटरचित अभिलेख तैयार किए और अपने नाम दर्ज करा लिए।
इस मामले में ग्रामीणों की शिकायत पर तहसील प्रशासन ने जांच कराई तो आरोपों की पुष्टि हुई। इस मामले में तहसीलदार की तहरीर पर सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और चार्जशीट भी पेश की गई। मामले का विचारण अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चल रहा है।