विंदेश्वरीगंज। मनुष्य का जीवन बड़े भाग्य से मिलता है। इसलिए हम सभी को चाहिए कि श्रेष्ठ चिंतन कर दूसरों की भलाई करें। यह बात तिरहुंत बाजार में चल रही पांच दिवसीय मां गायत्री प्रज्ञा पुराण कथा के पहले दिन पं. आचार्य शशिशंकर पांडेय ने कहीं।
कथा के पहले दिन मंगलवार को बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्घालुओं को कथा सुनाते हुए कथावाचक ने कहा कि कई जन्म लेने के बाद जीवात्मा को मानव जीवन मिलता है। मानव जीवन को ही दुर्लभ व सर्वश्रेष्ठ जीवन माना गया है।
उन्होंने कहा कि माता-पिता इस धरती के जीवित भगवान हैं। कथा सुनने के लिए क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्घालु मौजूद रहे। इस मौके पर शुभम अग्रहरि, पुष्कर अग्रहरि, सुरेंद्र, सनत कुमार, कपिल, दीपक, अखिलेश, रामलाल गुप्ता, लवलेश, जगतराम, आशीष मौजूद रहे।