सुल्तानपुर। यूपी होमगार्ड भर्ती परीक्षा के पहले दिन शनिवार को सामान्य ज्ञान के कई प्रश्न आसान रहे, वहीं इतिहास और समसामयिक घटनाओं से जुड़े प्रश्नों ने परीक्षार्थियों को उलझाकर रख दिया। जिले के 15 केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। अभी रविवार और साेमवार को भी परीक्षा होगी।
प्रश्नपत्र में डाॅ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय कहां स्थित है और उत्तर प्रदेश की भाषा क्या है... जैसे सवाल आसान रहे। पृथ्वीराज चौहान के पिता का नाम क्या था और तीसरा गोलमेज सम्मेलन कहां हुआ था... जैसे प्रश्नों ने कई परीक्षार्थियों को सोचने पर मजबूर कर दिया। धम्मौर स्थित श्री हनुमत इंटर कॉलेज केंद्र पर परीक्षा देने आए बलिया के संजीत कुमार ने बताया कि पेपर का स्तर मिश्रित रहा।
सामान्य ज्ञान के प्रश्न आसान थे, लेकिन इतिहास और समसामयिक विषयों ने कठिनाई बढ़ा दी। अंबेडकरनगर के बब्लू यादव ने प्रश्नपत्र को संतुलित बताया। शालिनी ने कहा कि कई सवाल उम्मीद से अलग थे, जिनके लिए अतिरिक्त तैयारी की जरूरत थी। खास बात यह थी कि हाईस्कूल स्तर की इस परीक्षा में स्नातक और डिप्लोमा धारक अभ्यर्थियों ने भी भाग लिया। डीएम इंद्रजीत सिंह व एसपी चारू निगम ने केंद्रों का जायजा लिया,कंट्रोल रूम की तैयारियों को परखा। अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराई जा रही है। (संवाद)
रोडवेज ने चलाई 20 अतिरिक्त बसें
सुल्तानपुर। होमगार्ड भर्ती परीक्षा के लिए शनिवार को परिवहन निगम ने 20 अतिरिक्त बसें जरूर लगाईं, लेकिन भारी भीड़ के चलते यात्रियों की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुबह से अंबेडकरनगर, अमेठी, बाराबंकी, अयोध्या और आजमगढ़ रूट पर अभ्यर्थियों की भीड़ रही। करीब 250 अभ्यर्थी बसों से परीक्षा केंद्रों के लिए रवाना हुए। यात्री रामलाल ने बताया कि उन्हें अयोध्या जाने के लिए एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन भीड़ अधिक होने से सीट नहीं मिल सकी। रीना देवी ने कहा कि बच्चों के साथ सफर करना मुश्किल हो गया, एआरएम सुरेश चंद्र यादव ने बताया कि सभी रूटों पर सेवाएं बहाल हैं, लेकिन लंबी दूरी की बसों में आंशिक कटौती की गई है।।
रेलवे स्टेशन पर दिखी अव्यवस्था
सुल्तानपुर। रेलवे स्टेशन पर शनिवार को होमगार्ड भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखी गई। जिससे व्यवस्था चरमरा गई। पहली पाली की परीक्षा देने के बाद स्टेशन पहुंचे परीक्षार्थियों को ट्रेन नहीं मिलने से इंतजार करना पड़ा। कई परीक्षार्थी टिकट घर के पास ही जमीन पर चादर बिछाकर आराम करते हुए देखे गए। स्टेशन अधीक्षक बीएस मीना ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ और जीआरपी की मदद ली गई। संवाद