सुल्तानपुर। गैंगस्टर केस में साल 2013 से निरुद्ध बंदी सुरेंद्र जायसवाल ने सजा की निर्धारित अवधि 10 साल के बजाय दो साल ज्यादा जेल काट लिया। स्पेशल जज राकेश यादव ने इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए जेल से आख्या तलब किया और सजा की अवधि पूरी हो जाने के चलते केंद्रीय कारागार नैनी, प्रयागराज प्रशासन को बंदी की रिहाई का आदेश दिया।
अमेठी कोतवाली के तत्कालीन निरीक्षक मो. हमीद ने 12 अक्तूबर 2013 को स्थानीय थाने में गैंगस्टर का केस दर्ज कराया। उनके आरोप के मुताबिक, अमेठी कोतवाली के गुंगवाछ गांव निवासी आरोपी रवींद्र कुमार जायसवाल व सुरेंद्र कुमार जायसवाल, पीपरपुर थाने के महेशपुर निवासी कामता प्रसाद जायसवाल, नेवढ़िया गांव निवासी जितेंद्र कुमार जायसवाल व पीपरपुर थाने के पीथीपुर पलिया निवासी रमेश जायसवाल आपराधिक गिरोह चलाते है। पुलिस ने विवेचना में मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी करते हुए उन्हें जेल भेजा और आरोप पत्र भी पेश किया। मामले का विचारण स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट की अदालत में चल रहा था।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि केंद्रीय कारागार नैनी प्रयागराज में बंद कैदी सुरेंद्र जायसवाल गैंगस्टर के अपराध में निर्धारित सजा की अवधि 10 वर्ष से अधिक समय जेल में बिता चुका है, लेकिन उसकी रिहाई नहीं हो सकी है। अदालत ने इस संबंध में केंद्रीय कारागार से रिपोर्ट तलब किया। जेल से मिली रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि आरोपी सुरेंद्र जायसवाल 29 अक्तूबर 2013 से लगातार जेल में बंद है। अदालत ने केंद्रीय कारागार नैनी-प्रयागराज को बंदी सुरेंद्र जायसवाल की रिहाई का आदेश भेजा है।