सुल्तानपुर। जिले में एक बार फिर आदर्श शिक्षक बनने की दौड़ शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। सम्मान, प्रतिष्ठा और राज्य स्तर पर पहचान दिलाने वाले इस पुरस्कार के लिए शिक्षक 30 जून तक प्रेरणा पोर्टल पर आवेदन कर सकेंगे। 15 वर्ष की अनिवार्य नियमित सेवा और कड़े मूल्यांकन मानकों के कारण दावेदारों की संख्या सीमित रहने की उम्मीद है।
जिले में करीब 2500 शिक्षक कार्यरत हैं, लेकिन राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए हर वर्ष मुश्किल से 10 शिक्षक आवेदन नहीं कर पाते। तीन वर्ष पहले सेवा अवधि संबंधी नई शर्त लागू होने के बाद योग्य उम्मीदवारों का दायरा और सिमट गया है। ऐसे में विभाग के सामने वास्तव में आदर्श शिक्षक तलाशने की चुनौती है।
जिला समन्वयक प्रशिक्षण अपेक्षा त्रिपाठी के अनुसार केवल नियमित शिक्षक-शिक्षिकाएं ही आवेदन के पात्र होंगे। आवेदनकर्ता के पास कम से कम 15 वर्ष की नियमित सेवा होनी चाहिए और सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष या उससे अधिक समय शेष होना अनिवार्य है।
जुलाई में होगी जांच, अगस्त में होगा अंतिम मुकाबला
सात से 30 जून तक आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद जिला चयन समिति एक से 20 जुलाई तक अभिलेखों की जांच, सत्यापन और मूल्यांकन करेगी। चयनित आवेदनों को राज्य स्तर पर भेजा जाएगा, जहां एक से 14 अगस्त तक प्रस्तुतीकरण, पुनर्मूल्यांकन और साक्षात्कार के आधार पर अंतिम चयन होगा। आवेदन केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे और शिक्षकों को अपना पोर्टफोलियो जमा करना होगा।
हर मोर्चे पर दिखानी होगी उत्कृष्टता
बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि पुरस्कार के लिए शिक्षकों का मूल्यांकन केवल कक्षा शिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा। विद्यालय में नामांकन बढ़ाने, ड्रॉपआउट घटाने, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने, डिजिटल तकनीक के उपयोग, नवाचार आधारित शिक्षण, विद्यार्थियों की उपलब्धियों, सामुदायिक सहभागिता और विद्यालय विकास में योगदान जैसे पहलुओं पर भी अंक दिए जाएंगे। कुल 100 अंकों में 40 अंक वस्तुनिष्ठ मानकों, 40 अंक प्रदर्शन आधारित गतिविधियों और 20 अंक प्रस्तुतीकरण व साक्षात्कार के लिए निर्धारित किए गए हैं।