शाहगढ़ के दुलापुरकला गांव में धूपबत्ती बनाती समूह की महिलाएं।-संवाद
शाहगढ़। आत्मनिर्भर बनने के लिए रीना ने धूपबत्ती का व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने अपने साथ समूह की महिलाओं को जोड़ा। कन्नौज से इत्र मंगाया। लखनऊ व वाराणसी से अन्य जरूरी सामग्री खरीदी। सभी ने एकजुट होकर मेहनत की, जिसकी परिणति है कि रीना के साथ ही गांव के 12 परिवार आर्थिक उन्नति की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।
विकासखंड के दुलापुर कला निवासी रीना सिंह ने वर्ष 2015 में गांव की नौ महिलाओं के साथ 50 रुपये बचत कर जाह्नवी स्वयं सहायता समूह का गठन किया। दो वर्ष बाद बचत को बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया गया। वर्ष 2023 एनआरएलएम से रिवॉल्विंग फंड 15 हजार और सामुदायिक निवेश फंड एक लाख 10 हजार मिलने के बाद रीना सिंह ने समूह की अन्य महिलाओं से सलाह कर धूपबत्ती का कारोबार शुरू किया। नागपुर से एक सप्ताह का प्रशिक्षण लिया और वाणिज्य विभाग में धूपबत्ती का ब्रांडनेम रजिस्टर्ड कराया। चार महिलाएं और चार पुरुष मिलकर धूपबत्ती बनाने लगे। बाजार शुकुल, जगदीशपुर, वारिशगंज, रानीगंज, रामगंज, दुर्गापुर, अमेठी, गौरीगंज, जायस, तिलोई, टीकरमाफी, संग्रामपुर आदि बाजारों में धूपबत्ती की मांग होने लगी।
प्रीमियम श्रेणी में समूह की तरफ से पांच ब्रांड तैयार किए जा रहे हैं। कारोबार बढ़ने से अब महिलाओं को प्रति माह सात से 1 0 हजार रुपये की कमाई हो रही है। रीना ने बताया कि वह प्रतिदिन 25 किलो धूपबत्ती तैयार कर रही हैं। बाजार में इसकी अनुमानित कीमत 40 हजार रुपये है। इस कार्य में उनके पति महेंद्र सिंह सहयोग करते हैं।