पयागीपुर में निजी गेस्ट हाउस में बैठक करते कांग्रेसी।
सुल्तानपुर। कांग्रेस जिला व शहर अध्यक्ष की ताजपोशी से शुरू हुई आपसी कलह सोमवार को खुलकर सामने आ गई। कार्यकर्ताओं व निवर्तमान पदाधिकारियों ने कांग्रेस जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व में काम करने से इन्कार करते हुए पयागीपुर गेस्ट हाउस में बैठक की। जिलाध्यक्ष पर भाजपा के लिए काम करने का संगीन आरोप लगाया। इतना ही नहीं, कांग्रेसियों ने कार्यकर्ताओं से धनउगाही का आरोप भी मढ़ा।
पीसीसी सदस्य योगेश पांडेय के साथ करीब 110 निवर्तमान पदाधिकारियों ने एक सुर में विरोध जताया। पूर्व जिला उपाध्यक्ष सिराज अहमद भोला, हरख नरायन मिश्र, महेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि वर्तमान जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा व शहर अध्यक्ष शकील अंसारी पार्टी को कमजोर करने में लगे हैं। योगेश पांडेय ने स्पष्ट किया कि मौजूदा जिलाध्यक्ष के साथ हम सब कार्य नहीं कर सकते हैं। पीसीसी सदस्य के लिए नाम भेजने के नाम पर धनउगाही का आरोप मढ़ते हुए कार्यकर्ताओं को सबूत भी दिखाए।
पूर्व जिला प्रवक्ता अमोल वाजपेई ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने कार्यकर्ताओं के सम्मान का ख्याल नहीं रखा। बूथ कमेटियां खत्म हो गई हैं। सेवा दल अध्यक्ष अरुण तिवारी ने कहा कि अगर प्रदेश नेतृत्व व राष्ट्रीय नेतृत्व ने हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो जिले में कांग्रेस का बंटाधार हो जाएगा। निवर्तमान प्रदेश महासचिव महिला मोर्चा कंचन सिंह ने भी आरोप लगाया।
विरोध जताने वालों में तेज बहादुर पाठक, डीसी पांडेय, मोबीन अहमद, फिरोज अहमद, अतहर नवाब, अकरम बेग समेत अन्य कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।