सुल्तानपुर। सरकारी कस्टम मिल्ड चावल दबाने के प्रकरण को खाद्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। धनपतगंज के दोनों राइस मिलर्स को दागी करार देते हुए 80 लाख रुपये की वसूली के लिए आरसी जारी की गई है। डीएम ने चावल की धनराशि नहीं जमा करने पर डीएफएमओ को केस दर्ज कराने का आदेश दिया है। मामला सत्र 2011-2012 के सीएमआर का है।
वर्ष 2011-2012 में जिला खाद्य एवं विपणन विभाग ने धान की रिकॉर्ड खरीद की थी। दराई के लिए अनुबंधित मिलर्स को समय से धान दे दिया गया था। तत्कालीन डीएफएमओ रविशंकर मिश्र की तरफ से तीन माह के भीतर धान के सापेक्ष 67 प्रतिशत के हिसाब से चावल सौंपने का आदेश दिया गया था।
खाद्य विभाग की सख्ती पर कूरेभार व जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के मिलर्स ने चावल भारतीय खाद्य निगम की गोदामों में जमा कर दिया। जबकि धनपतगंज ब्लॉक की प्रताप राइस मिल व दर्शन राइस मिल ने न तो चावल दिया न ही चावल की धनराशि। चौथे वर्ष भी बकाया 80 लाख रुपये के चावल का पैसा नहीं जमा करने पर खाद्य विभाग ने आरसी जारी कर दी है।