सुल्तानपुर। तहसील सभागार बल्दीराय में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें जिलाधिकारी कुमार हर्ष, सीडीओ अंकुर कौशिक व अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों के सामने 176 शिकायतें आईं। सबसे ज्यादा 98 शिकायतें राजस्व विभाग की रहीं। बिजली विभाग की चार, पुलिस की 18, विकास से संबंधित 16, वन व आपूर्ति विभाग की सात और अन्य विभागों की 33 शिकायतें रहीं।
इनमें से 46 शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। अन्य शिकायतों के निस्तारण के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है। तहसील सदर, जयसिंहपुर, लंभुआ व कादीपुर में भी उपजिलाधिकारियों की अगुवाई में समाधान दिवस का आयोजन किया गया।
पांच साल से खुद को जिंदा साबित कर रहे बुजुर्ग
बल्दीराय तहसील सभागार में जिलाधिकारी कुमार हर्ष अन्य अधिकारियों के साथ जन शिकायतों का निस्तारण कर रहे थे। इसी बीच महमूदपुर निवासी बुजुर्ग रामकिशोर दो युवकों के सहारे अंदर दाखिल हुए। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा- साहब, मैं जिंदा हूं...। पिछले पांच साल से राजस्व अभिलेखों में मैं खुद को जिंदा साबित करने की लड़ाई लड़ रहा हूं। राजस्व निरीक्षक व लेखपाल ने मुझे मृत दिखाकर जमीन-जायदाद का वरासत कर दिया है। जिलाधिकारी ने एसडीएम व तहसीलदार को प्रकरण के निस्तारण के निर्देश दिए।
दिव्यांग ने की जमीन पर कब्जे की शिकायत
इसौली निवासी दिव्यांग अमीन घिसटते हुए तहसील सभागार में पहुंचे। वहां दिव्यांगों के लिए कोई व्हील चेयर नहीं थी। अमीन ने अपनी जमीन पर कब्जे की शिकायत की। कहा कि उनकी खाते की जमीन पर गांव के ही कुछ लोग कब्जा कर रहे हैं। कई बार शिकायत की गई लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम को निर्देशित किया कि जल्द ही मौका मुआयना कर अवैध कब्जा हटवाया जाए।
अपनी जमीन पर निर्माण नहीं कर पाने की शिकायत
कांकरकोला निवासी नियाज ने अधिकारियों को बताया कि अपनी ही जमीन पर निर्माण करने से उन्हें रोका जा रहा है। बताया कि वह जब भी निर्माण शुरू कराते हैं, पुलिस काम रुकवा देती है। उन्होंने बताया कि लेखपाल व कानूनगो ने पुलिस के सामने पैमाइश की थी लेकिन अब उसे नहीं माना जा रहा है। डीएम ने कानूनगो व लेखपाल को जमीन की नापजोख कर मामले का निस्तारण करने के लिए कहा।
मकान पर कब्जाकर सामान उठा ले जाने का आरोप
दौलतपुर निवासी अनिल कुमार यादव ने शिकायत की कि उन्होंने गांव के राजकुमार से एक मकान का बैनामा लिया था। जब उस पर कब्जा करने लगे तो विरोधियों ने मना कर दिया। पुलिस आई और कमरे में ताला लगाकर चली गई। इसके बाद विरोधी ताले को तोड़कर उसमें रखा सामान उठा ले गए। इस पर जिलाधिकारी ने राजस्व अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया।