जयसिंहपुर। बरौंसा-विरसिंहपुर मार्ग पर पुल निर्माण के दौरान बनाया गया अस्थायी मार्ग अब किसानों के लिए परेशानी का कारण बना है। पुल से आवागमन शुरू होने के बाद जल निकासी के लिए छोड़े गए हिस्से से मिट्टी और निर्माण सामग्री नहीं हटाई गई है। शारदा खंड-16 की सहायक कूरेभार-मझुई ड्रेन का प्रवाह प्रभावित हो रहा है। तीन दिन की बारिश के बाद ड्रेन का पानी खेतों में भरने से सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल तैयार होने के बाद भी अस्थायी मार्ग का अवरोध नहीं हटाया गया। जिससे पानी की निकासी प्रभावित हुई है। बरसोमा के नवीन पांडेय की चार बीघा और मोकलपुर के शीतला प्रसाद कनौजिया की दो बीघा फसल पानी में डूबी है। ठाकुर प्रसाद पांडेय की करीब चार बीघा और मसीरपुर के रामफेर वर्मा की करीब सात बीघा फसल प्रभावित हुई है। किसानों को पानी जल्द न निकलने पर धान की फसल खराब होने की चिंता है। मोकलपुर, मूंगर, पलिया, पुरुषोत्तमपुर, जगतपुर, मसीरपुर, नथईपुर, बरसोमा, नुमाये, गंगेव और डोमनपुर सहित कई गांव जलभराव से प्रभावित हैं। ग्रामीणों ने फसल नुकसान का आकलन कराने की मांग की है। लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता श्रवण कुमार चौहान ने बताया कि पुल के नीचे लगी शटरिंग अचानक हुई बारिश के कारण अभी नहीं निकाली जा सकी है। कार्यदायी संस्था को शटरिंग हटाने के लिए कहा गया है।