सुल्तानपुर। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे मौसमी सिस्टम का असर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंचने की संभावना है। 29 अक्तूबर से जिले में बारिश, गरज-चमक और तेज हवा चल सकती हैं। जिससे खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को नुकसान होने की आशंका है।
मौसम विज्ञानी भूपेंद्र सिंह पटेल के अनुसार, इस दौरान मौसम में बदलाव का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। बारिश होने पर धान की तैयार फसल गिरने और खेतों में पानी भरने से कटाई प्रभावित होने का खतरा है। खेतों में जलभराव रोकने के लिए जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें। दलहनी और तिलहनी फसलों की सुरक्षा पर भी ध्यान दें। तेज हवा और बिजली चमकने के दौरान पशुओं को खुले मैदान या पेड़ों के नीचे रखने से बचें।