सुल्तानपुर। रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र पर तत्काल टिकट के गोरखधंधे का मामला लखनऊ रेल मंडल कार्यालय पहुंच गया है। घटना के दिन व उससे पहले करवाए गए तत्काल टिकट का ब्यौरा जांच टीम ने ऑनलाइन ले लिया है। जांच टीम के रडार पर आरक्षण केंद्र के कर्मचारी हैं। इससे वहां के कर्मचारियों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
29 नवंबर को रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र पर तत्काल टिकट में गोरखधंधे की शिकायत यात्रियों ने परिवाद पुस्तिका में दर्ज कराई थी। यात्रियों ने बिना क्रम के बाहरी लोगों के तत्काल टिकट करने का आरोप आरक्षण केंद्र प्रभारी पर लगाया था। इस बात पर स्टेशन अधीक्षक और सीआएस के बीच बहस भी हो गई थी।
स्टेशन अधीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में दो दलालों का नाम बताते हुए घटना के सही होने का दावा किया है। दूसरी ओर केंद्र प्रभारी ने आरोप निराधार बताते हुुए स्टेशन अधीक्षक पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। जांच टीम के एक अधिकारी ने बताया कि घटना के दिन से पूर्व के दिनों में तत्काल टिकट के पहले दिए जाने वाले सभी नंबरों की जांच की जाएगी। बुकिंग क्लर्कों के बारे में डिटेेल ली जाएगी। किस दिन, किस बुुकिंग क्लर्क की ड्यूटी तत्काल टिकट के लिए लगाई जाती है। एक दिन में कितने तत्काल टिकट बनाए गए थे। सभी का ब्यौरा भी लिया जाएगा।
सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन के मुख्य वाणिज्य निरीक्षक विवेक त्रिपाठी ने भी अपनी रिपोर्ट मंडल मुख्यालय को भेज दी है। स्टेशन अधीक्षक बीएस मीना ने बताया कि सभी रिपोर्ट मंडल मुख्यालय को भेज दी गई है। जांच टीम का पूरा सहयोग किया जाएगा।