कूरेभार (सुल्तानपुर)। जूड़ापट्टी सहरी गांव में रविवार रात पिता-भाई की हत्या करने के बाद भी अजय का अपने पुराने घर पर आना-जाना बना था। 48 घंटे में पुलिस की छह टीमें उसे खोज नहीं सकीं।
कुछ ग्रामीणों के मुताबिक, वह तीन-चार बार अपने घर आया और चला गया। गांव में पुलिस की मौजूदगी में उसने कैसे आत्महत्या कर ली। पुलिस के पहरे पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।
भूमि विवाद में अजय यादव ने रविवार को अपने पिता काशीराम व बड़े भाई सत्य प्रकाश यादव को मौत के घाट उतार दिया। मंगलवार को उसने अपने घर पहुंचकर खुद को भी गोली से उड़ा दिया। जूड़ापट्टी सहरी गांव में पुलिस का कड़ा पहरा था। फिर भी वह अपने घर पर आता-जाता था। सोमवार दोपहर भी अजय का कूरेभार पुलिस से आमना-सामना हुआ था। वह पुुलिस को चकमा देकर भाग निकला था। पुलिस ने उसकी पत्नी व दो रिश्तेदारों को घर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
ग्रामीणों की मानें तो वह दिन भर घर में ही छिपा था लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लग सकी। ग्रामीणों की मानें तो मंगलवार शाम खुदकुशी करने से पहले भी अजय का आमना-सामना पुलिस से हो गया। इसके बाद उसने खुद को गोली मारने की बात कही। कुछ लोग उस समय वीडियो बना रहे थे। जिसे पुुलिस ने डिलीट करवा दिया।
मरने से पहले छोटे भाई को लगाया गले, फूट-फूट कर रोया
हत्या के बाद घटनास्थल से एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें मृतक का छोटा भाई पुलिस को बता रहा है कि मरने से कुछ समय पहले अजय उससे मिला। वह फूट- फूट कर रोया। हलांकि अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
विजय के मुताबिक, उसने अजय से कहा कि यह तुमने क्या कर दिया। सबको मार दिया। कहने लगा मैं भी पछता रहा हूं बहुत, उस समय मुझे बहुत चढ़ाया गया। उसने कुछ लोगों के नाम भी लिए। बोला उन्हीं लोगों ने पिलाया- खिलाया और हमें यहां तक मारने के लिए भेजे। वही लोग असलहा दिए थे। बोले थे जो होगा आगे हमें देखेंगे। यह कहने के बाद वह फूट-फूटकर रोया और चला गया। (संवाद)