सुल्तानपुर। राजकीय कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को अब अलग से व्यावसायिक शिक्षा भी मिल सकेगी। पढ़ाई के साथ व्यावसायिक शिक्षा की वैकल्पिक कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इसके लिए हर कॉलेज में दो-दो आउटसोर्सिंग स्तर पर शिक्षकों की तैनाती होगी। अलग-अलग विषय भी निर्धारित किए जाएंगे। छात्राओं को विषय में पारंगत करने के लिए महिला शिक्षक रखा जाएगा।
जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद के 331 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसमें 25 राजकीय, 58 अशासकीय व 248 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। बेरोजगारी से निजात दिलाने के लिए कक्षा नौ से 12 तक के छात्र व छात्राओं को व्यवसाय की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए व्यावसायिक शिक्षा काफी फायदेमंद साबित होगी। छात्र कॉलेज में पढ़ाई के दौरान व्यावसायिक शिक्षा लेकर खुद काे रोजगारपरक शिक्षा की ओर मोड़ सकेंगे। हालांकि अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं दिया जाएगा कि वह अलग से बच्चे को व्यावसायिक शिक्षा दिलाएं। इसके लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य बच्चों को प्रोत्साहित करेंगे।
पहले चरण में इस राजकीय विद्यालयों में लागू किया जाएगा। छात्रों की रुचि को देखते हुए दूसरे चरण में अशासकीय व वित्तविहीन स्कूलों में लागू करने पर विचार होगा। स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा के लिए अलग से समय निर्धारित किया जाएगा। हाईस्कूल में छह व इंटर में पांच विषय के अलावा व्यावसायिक शिक्षा की कक्षाएं अलग से चलेंगी।
शिक्षकों की तैनाती कर शुरू कराएंगे पढ़ाई
राजकीय विद्यालयों में नए सत्र से व्यावसायिक शिक्षकों की तैनाती कर पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। अभी अलग से व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही है। लेकिन इसे वैकल्पिक विषय के रूप संचालित किया जाएगा।
- रविशंकर जिला विद्यालय निरीक्षक