डीवाईएफआई के जिला सचिव शशांक पांडेय ने कहा कि प्रदेश में बिजली व्यवस्था बेपटरी है। जिलों में 12-14 घंटे से अधिक आपूर्ति नहीं की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में और भी बुरा हाल है। वहीं विद्युत नियामक आयोग ने 17 प्रतिशत बिजली महंगी कर जले पर नमक छिड़कने का काम किया है।
एसएफआई के विवेक विक्रम सिंह ने कहा कि जिस तरह से बिजली की दर में वृद्धि की गई उससे नियामक आयोग की निरंकुशता साफ झलक रही है। सदस्य संतोष पांडेय व जुल्फिकार अहमद ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति नहीं की जा रही है। बिजली के रेट में वृद्धि करके जनता के ऊपर एक और बोझ लाद दिया है।
संगठन ने बढ़ी हुई विद्युत दर को वापस लेने की मांग की है। इस मौके पर सचिन सिंह, उत्कर्ष शुक्ल, प्रशांत द्विवेदी, अभय तिवारी, बृजेंद्रनाथ, सत्यम समेत कई लोग मौजूद रहे।