जिला पंचायत सदस्य के वार्ड नंबर 31 के प्रत्याशी समथकों ने हारे हुए प्रत्याशी को जीत का प्रमाण पत्र देने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को बवाल कर दिया। प्रत्याशी समर्थकों ने अमेठी-दुर्गापुर मार्ग पर स्थित टीकरमाफी बाजार में जाम लगाकर शासन पर गंभीर आरोप लगाए।
समर्थकों का आरोप था कि 189 वोट से जीते हुए प्रत्याशी के बजाय सत्ता के दबाव में सपा समर्थित प्रत्याशी को गलत तरीके से जीत का प्रमाण पत्र दे दिया गया। प्रत्याशी के समर्थन में बाजार के व्यापारी भी उतर आए। व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। घंटों चले प्रदर्शन के बाद एसडीएम गौरीगंज और सीओ अमेठी के समझाने के बाद दोपहर करीब दो बजे जाम खुल सका। चार घंटे लगातार चले जाम से लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी।
ब्लॉक भादर और संग्रामपुर को मिला कर बने जिला पंचायत सदस्य के वार्ड 31 में मतगणना चार्ट ही बदल देने का गंभीर आरोप लगा है। इस वार्ड से शंभू यादव और इंद्रजीत यादव उर्फ जीते चुनाव लड़े थे। इंद्रजीत के मुताबिक सोमवार को भादर ब्लॉक पर समाप्त हुई मतगणना में आरओ ने उन्हें 3944 और सपा समर्थित शंभू यादव को 3755 मत मिलने की घोषणा की थी। इस हिसाब से वे 189 वोट से विजयी हुए थे। जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद आरओ ने सत्ता के दबाव में तीन घंटे तक एक कमरे में बैठकर मतगणना का क्रमवार तैयार चार्ट बदलकर हारे हुए प्रत्याशी शंभू यादव को चार मतों से विजयी घोषित कर दिया। जिला मुख्यालय पर इंद्रजीत व उनके समर्थक मतगणना केंद्र पर तैयार चार्ट दिखाने की मांग करते रहे लेकिन उनकी न तो आरओ ने सुनीं और न ही जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम ने इस पर ध्यान दिया। इस बात से आक्रोशित इंद्रजीत यादव समर्थक मंगलवार को सड़क पर उतर आए। समर्थकों ने टीकरमाफी बाजार पहुंचकर अमेठी-दुर्गापुर सड़क मार्ग जाम कर दिया।
जाम की सूचना मिलते ही पहले एसओ संग्रामपुर, सीओ अमेठी आरके चतुर्वेदी और तहसीलदार राम कुमार ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे डीएम और भादर के आरओ को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। उसके बाद डीएम की प्रतिनिधि के रूप में एसडीएम गौरीगंज वंदिता श्रीवास्तव पहुंचीं। वंदिता ने प्रदर्शनकारियों और इंद्रजीत के परिवारीजनों से वार्ता कर उनका शिकायती पत्र लेकर आयोग को भेजने की बात कही। इसके बाद एक बार जाम हटा लेकिन प्रदर्शनकारी दोबारा जाम लगाकर बैठ गए। इन लोगों ने दूसरी मांग रखी कि मतगणना के समय तैयार पुराना चार्ट उन्हें उपलब्ध कराया जाए। वंदिता ने जब इसका भी आश्वासन दिया तब जाकर प्रदर्शनकारी वहां से हटे।
आरोप निराधार :डीएम
इस बाबत जिलाधिकारी जगतराज त्रिपाठी ने मतगणना में धांधली के आरोप को सिरे से नकार दिया। कहा कि आरओ ने जो निर्णय किया है। उसी के मुताबिक प्रमाण पत्र जारी किया गया है।