सुल्तानपुर। शहर में स्मार्ट सिटी की राह में योजनाओं का रोड़ा है। शहर की जनसंख्या के मुताबिक योजनाओं का संचालन नहीं होने एवं संचालित योजनाओं में अपेक्षित धनराशि नहीं मिलने से समस्याएं बरकरार हैं। वर्षों से बिजली, पानी, सीवर, सफाई, शिक्षा, सड़क व ट्रैफिक की समस्या की दिशा में कार्य चल रहा है, लेकिन अपेक्षित धनराशि नहीं मिलने से वह पूरा नहीं हो पा रहा है। बीच-बीच में कुछ माननीयों की ओर से भी शहर में कुछ कार्य कराए गए, लेकिन वे भी पर्याप्त नहीं साबित हुए। नतीजे के रूप में शहर के लोग रोजाना समस्याओं से जूझ रहे हैं।
कार्य हुए, लेकिन नहीं पूरी हुई जरूरत
करीब दो लाख की आबादी वाले शहर में करीब 25 करोड़ रुपये से नए ट्रांसफार्मर स्थापना, नई लाइनों का निर्माण, पुराने पोलों व तारों को बदलने के साथ नए मीटर लगाने का कार्य एक कंपनी के जरिए पावर कॉर्पोरेशन करा रहा है। कार्य तकरीबन पूरा होने की कगार पर है, लेकिन विद्युत समस्या अभी यथावत है। नगरपालिका सड़क, सीवर, सफाई व पेयजल आपूर्ति का कार्य हमेशा कराती रहती है। इसके बाद भी समस्या बनी है। बारिश में सड़कों एवं घरों में पानी भर जाता है। सड़कें व पटरियां कम चौड़ी होने की वजह से शहर रोजाना जाम से जूझता है। शहर में रोजगार के अवसर पैदा नहीं हो पाने से बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। शहर में लगातार कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन जरूरत पूरी नहीं हो सकी है।
ढांचागत विकास की जरूरत
आरजे इंफ्रासिटी के सीएमडी रणवीर सिंह राजपूत का कहना है कि शहर में ढांचागत विकास के साथ रोजगारपरक विकास की जरूरत है। इससे न सिर्फ शहर सुंदर होगा, बल्कि रोजगार के खूब अवसर भी पैदा होंगे। सरकारी प्रयास के साथ कंपनियों को भी इसमें उतरना होगा।
शहर में अभी और योजनाओं की जरूरत
नगरपालिका चेयरमैन प्रवीण अग्रवाल का कहना है कि शहर की समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार प्रयास चल रहे हैं। सफाई, सीवर लाइन, मार्ग प्रकाश, सड़क आदि का कार्य कराया गया है। पर, शहर को स्मार्ट सिटी की तरह बनाने में अभी और योजनाओं एवं धनराशि की जरूरत है। वैसे एक कंपनी से स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव तैयार करवाया जा रहा है। कंपनी सर्वे करके प्रस्ताव देगी उसके बाद उसे सरकार को भेजा जाएगा।
वार्डों में जन सेवा व त्रिवेणी सेवा केंद्र की स्थापना का कार्य
शहर में लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वार्डों में ई-गवर्नेंस सुविधा को पहुंचाने का कार्य जन सेवा केंद्र व त्रिवेणी सेवा केंद्र के माध्यम से शुरू किया गया है। फिलहाल अभी वार्डों में पर्याप्त संख्या में सुविधा केंद्र नहीं खुल पाए हैं। इसके खुलने से कुछ लोगों को स्वरोजगार मिलने के साथ ही लोगों को सुविधा भी मिलेगी।