विकासखंड क्षेत्र के पांडेयपुर स्थित इंटर कॉलेज में हुए फीस घोटाले के मामले की जांच करने आई टीम को प्रधानाचार्य व लिपिक नहीं मिले। उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर के बावजूद प्रधानाचार्य नदारद थे। लिपिक भी परिसर में नहीं था।
स्कूल के संस्थापक जगदीश पांडेय ने नवंबर 2014 में प्रधानाचार्य व लिपिक के खिलाफ कक्षा 11 एवं 12 के विद्यार्थियों के शुल्क की रकम के गबन का मुकदमा दर्ज कराया था। जुलाई से दिसंबर 2014 तक की फीस 62,590 रुपये स्कूल के निर्धारित बैंक खाते में नहीं जमा की गई थी।
थानाध्यक्ष सुरेश पांडेय ने बताया कि जांच में प्रधानाचार्य, लिपिक समेत चार लोग दोषी पाए गए हैं, जिन्हें पुलिस खोज रही है। तीन दिन पहले एक अध्यापक को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा है जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
उधर , शैक्षिक सत्र के पहले दिन उपस्थिति पंजिका पर प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर की खबर पाकर वैनी निवासी अनूप पांडेय ने डीएम और जिला विद्यालय निरीक्षक से शिकायत कर बताया कि स्कूल के प्रधानाचार्य व लिपिक गायब हैं।
शिकायत की जांच के लिए मौके पर राजकीय इंटर कॉलेज सुल्तानपुर और भदैंया के प्रधानाचार्य भेजे गए। दोनों प्रधानाचार्यों ने स्कूल में मौजूद शिक्षकों और अन्य कर्मियों से पूछताछ की। जिला विद्यालय निरीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि जांच अधिकारी की रिपोर्ट आने के बाद ही सही स्थिति का पता चल सकेगा।