सुल्तानपुर। डेंगू और मलेरिया से पिछले वर्ष हुई करीब 25 लोगों की मौत के बावजूद स्वास्थ्य महकमे ने कोई सबक नहीं लिया। स्वास्थ्य विभाग के हाई अलर्ट के बावजूद मानसून से पहले न तो ग्रामीण क्षेत्रों में दवाओं का छिड़काव किया गया और न ही लोगों को बीमारी से बचाव के लिए कोई योजना तैयार की गई ।
इसी का नतीजा है कि इस वर्ष डेंगू और चिकनगुनिया से एक मौत हो चुकी है जबकि 10 अन्य लोग डेंगू से पीड़ित पाए गए हैं। जिला अस्पताल में डेंगू से पीड़ित मरीजों के लिए अलग से वार्ड तो बना है, लेकिन शायद ही कोई मरीज यहां भर्ती होना चाहे। दूसरी, तरफ मलेरिया से पीड़ित लोगों की तादाद तेजी से बढ़ रही है।
सरकारी आंकड़ों की मानें तो मलेरिया से पीड़ित लोगों की संख्या दो सौ पार कर गई है। मानसून की दस्तक ने पूरे जिले में दे दी है। बरसात में शहरी क्षेत्र के खाली पड़े प्लॉट लबालब हो गए हैं। जल निकासी का कहीं प्रबंध नहीं होने से गलियों में टूटी नालियों में पानी भर गया है। ऐसे में बच्चों से लेकर बड़ों पर मच्छर जनित बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है।
सीएमओ डॉ. चंद्रभूषणनाथ त्रिपाठी की मानें तो ऐसे मौसम में पेट में संक्रामण संबंधित बीमारियां तो पनपती ही हैं साथ ही मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। लिहाजा इस दौरान लोगों को सर्तक रहने की जरूरत है। जिला अस्पताल में प्रबंधन वार्ड बनाया गया है। सीएचसी व पीएचसी पर सभी चिकित्सकों को अलर्ट किया गया है।