सुल्तानपुर। जिले में पुरानी और दुर्लभ पांडुलिपियों की खोज का काम तेज हो गया है। अभियान के तहत अब तक 75 वर्ष से अधिक पुरानी पांच पांडुलिपियां मिल चुकी हैं। इन्हें सुरक्षित रखने और डिजिटल रूप में संरक्षित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर पांडुलिपियों और ताम्रपत्रों की खोज तेज करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जो भी पांडुलिपियां मिल रहीं हैं, उनका वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण, स्कैनिंग और डिजिटलीकरण किया जाएगा। जिससे शोधार्थियों, विद्यार्थियों और आम लोगों को जानकारी प्राप्त करने में आसानी होगी। संस्कृत महाविद्यालय करौंदिया के प्राचार्य के पास दो वैदिक पांडुलिपियां और संग्रहालय में तीन हस्तलिखित पांडुलिपियां मिली हैं। इन्हें स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले स्तर पर तैयार सूची को राजकीय अभिलेखागार भेजा जाएगा। बैठक में सीएमओ डॉ. भारत भूषण, डीडीओ गजेंद्र कुमार तिवारी और जिला सूचना अधिकारी धीरेंद्र यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।