सुल्तानपुर। जिले में जिला पंचायत के साथ ब्लॉक प्रमुखों के चुनाव के लिए भी सियासत की बिसात बिछने लगी है। अनारक्षित सीटों पर दिग्गज स्वयं तो आरक्षित सीटों पर अपनों को कुर्सी दिलाने के लिए सक्रिय हो गए हैं।
नतीजों की घोषणा के बाद से धुरंधर बीडीसी से संपर्क साधना शुरू कर दिए हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्यों को अपने पाले में करने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए शासन की ओर से जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख चुनाव आगे बढ़ने के बाद भी कई साल से ब्लॉक प्रमुखी का स्वाद चख चुके राजनीतिक धुरंधर नतीजों की घोषणा के बाद सक्रिय हो गए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक जिले के 14 विकास खंडों में तीन ब्लॉक प्रमुख पद अनुसूचित जाति व तीन पिछड़ा वर्ग के खाते में गया है। आठ ब्लॉक प्रमुख पद महिलाओं समेत सामान्य के हिस्से में हैं। अनारक्षित विकास खंडों में मोतिगरपुर, जयसिंहपुर, धनपतगंज, बल्दीराय व लंभुआ शामिल हैं।
कुड़वार, दूबेपुर व कूरेभार महिला के लिए आरक्षित किया गया है। आरक्षण की स्थिति को देखते हुए राजनीतिक धुरंधर अनारक्षित सीटों पर स्वयं या अपने परिवारीजनों को मैदान में उतारने के लिए बिसात बिछाना शुरू कर दिए हैं।
बीडीसी को अपने खेमे में करने के लिए जोड़-तोड़ शुरू हो गया है। अपना पक्ष मजबूत करने के लिए अग्रिम तैयारी शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही आरक्षित सीटों पर अपने खास क्षेत्र पंचायत सदस्यों को कुर्सी दिलाने के लिए कसरत शुरू कर दिए हैं। इसे लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर सरगर्मी शुरू हो गई है।