शहर के सीताकुंड धाम पर छठ पूजा के लिए पिंडों की रंगाई करता पेंटर।
सुल्तानपुर। सूर्य की उपासना का चार दिवसीय महापर्व छठ मंगलवार को नहाय खाय के साथ शुरू हो जाएगा। पर्व के मद्देनजर गोमती नदी के किनारे सीताकुंड घाट पर तैयारियां तेज हो गईं हैं। स्वर्णकार समाज के लोगों ने छठ पूजा के लिए घाट पर पिंडी बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार से दो दिनों तक सीताकुंड धाम पर छठ पूजा के लिए श्रद्धालुओं की ज्यादा भीड़ रहेगी।
पर्व को लेकर आदि गंगा गोमती के सीताकुंड घाट पर तैयारियां तेज हो गईं हैं। बुधवार को खरना होगा। बृहस्पतिवार को शहर के सीताकुंड घाट पर आदि गंगा गोमती नदी में डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा और शुक्रवार को सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय पर्व का समापन हो जाएगा। इस पर्व में महिलाएं व पुरुष 36 घंटों तक उपवास रखते हैं। पर्व की तैयारी को लेकर स्वर्णकार समाज के लोग सीताकुंड घाट पर पहुंचना शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में सोमवार को कुछ लोग सीताकुंड घाट पर पूजा-पाठ के लिए पिंडी बनाने और उसकी रंगाई-पुताई का काम कर रहे थे।
छठ माता ने पूरी की मनोकामना
दूबेपुर विकास खंड के मुरलीनगर बांसी गांव निवासी शकुंतला देवी सोमवार को शहर के सीताकुंड धाम पर छठ पूजा के लिए पिंडी बना रही थीं। उन्होंने बताया कि पिछले पांच साल से छठ पूजा कर रही हैं। उनकी बहू को बच्चा नहीं होने से परेशान थीं। इसके लिए उन्होंने छठ माता से प्रार्थना की थी। छठी मइया ने उनकी प्रार्थना को स्वीकार कर लिया और वह दादी बन गईं। इससे शकुंतला की छठ मइया के प्रति आस्था बढ़ गई है।
पुलिस प्रशासन का मांगा सहयोग
जिले में छठ पूजन करने वालों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है। स्वर्णकार समाज के लोग प्रमुख रूप से डाला छठ पर्व को मनाते हैं। स्वर्णकार समाज के अध्यक्ष राजकुमार सोनी कहते हैं कि शहर के चौक, मेजरगंज, ठठेरी बाजार, पंचरास्ता, दरियापुर, कृष्णा नगर, विवेकनगर, गभड़िया समेत विभिन्न मोहल्लों के परिवार में डाला छठ का पर्व मनाया जाता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन व गोमती मित्र मंडल परिवार से पर्व को संपन्न कराने में सहयोग मांगा है।