सुल्तानपुर। त्योहारों पर पूड़ी-कचौड़ी और लजीज पकवान खाने से लोगों का मधुमेह-कोलेस्ट्रोल का स्तर गड़बड़ा गया। जिससे पेट में दर्द, अपच और एसिडिटी की परेशानी भी बढ़ गई। स्थिति यह रही कि रविवार को इन रोगियों की संख्या अचानक बढ़ने से मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी वार्ड फुल हो गया, स्ट्रेचर के लिए भी मारामारी मची रही।
उधर, दीपावली पर फोड़े गए पटाखों से प्रदूषण का स्तर बढ़ गया और सांस के रोगियों के लिए परेशानी बढ़ गई। रविवार को जिले की वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का स्तर 166 रहा, जो सांस रोगियों के लिए खतरनाक माना जाता है।
रविवार को इमरजेंसी में कुल 885 मरीजों का इलाज हुआ। जिसमें 625 मरीज पेटदर्द, अपच, एसिडिटी, मधुमेह व सांस से संबंधित थे। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी वार्ड में 16 बेड और छह स्ट्रेचर उपलब्ध हैं। इमरजेंसी मेडिकल अफसर डॉ. दीपक मिश्रा ने बताया कि दीपावली पर तला हुआ भोजन और मिठाई का चलन अधिक है। मरीजों में मधुमेह का स्तर डेढ़ से दो गुना तक बढ़ा मिला है। कई ऐसे मरीज भी रहे, जिन्होंने दवाएं नियमित नहीं लीं। इससे मरीजों की दिक्कत बढ़ गई। यही हाल उच्च रक्तचाप के मरीजों का रहा।
त्योहार के चलते व्यायाम और सुबह-शाम टहलना भी प्रभावित हुआ। इससे रक्तचाप का स्तर 10-15 फीसदी अधिक मिला। इमरजेंसी में एक ही दिन में ऐसे 10 फीसदी मरीज बढ़ गए हैं। अभी और मरीजों के बढ़ने की आशंका है। इनको दवाएं देने के साथ बचाव के बारे में भी बताया है।
सीएमएस डॉ. एसके गोयल ने बताया कि दिवाली पर पकवान खाने से पेट में अधिक कैलोरी वाला भोजन पहुंचा। इसके चलते पेट का पाचन तंत्र प्रभावित हुआ। पेट में जलन, अपच, खट्टी डकार, एसिडिटी और पेट फूलने की समस्या हो रही है। मिलावटी सामग्री खाने से भी उल्टी-दस्त और पेट दर्द के मरीज इमरजेंसी में आ रहे हैं।
दीपावली पर जलाए गए पटाखे से हवा प्रदूषित हुई है। ऐसे में सांस रोगियों के लिए परेशानी बढ़ी है। इमरजेंसी में पर्याप्त व्यवस्था है, फिर भी अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से इलाज में परेशानी हो रही है।
अपनाएं सावधानियां....
-उच्च रक्तचाप-मधुमेह के मरीज दवाएं बंद न करें।
-पकवान-मिठाई से पेट न भरें, स्वाद के लिए खाएं।
-बाहर नहीं जा पा रहे तो घर में ही व्यायाम करें।
-हल्का भोजन करें, फल और सलाद अधिक खाएं।
-पेट में दर्द-अपच और एसिडिटी के बढ़े मरीज
-सर्द के मौसम में अस्थमा मरीज धूल, मिट्टी व धुआं से बचें