सुल्तानपुर। सरकार ने मातृ और नवजात मृत्यु दर घटाने के लिए प्रसव पूर्व जांच व्यवस्था सख्त की है। अब प्रत्येक गर्भवती महिला की कम से कम छह एएनसी जांचें कराना अनिवार्य होगा। पहले गर्भावस्था में चार जांचों का प्रावधान था। शासन ने निर्देशों के पालन में लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
एसीएमओ लालजी ने बताया कि यह कदम मातृ और शिशु सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। जांचों की संख्या बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने और जोखिम कम करने के लिए बढ़ाई गई है। गर्भावस्था की जानकारी मिलते ही महिला का पंजीकरण होगा और मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड जारी किया जाएगा। नई व्यवस्था में पहली जांच 12 सप्ताह तक और छठी जांच 36 से 40 सप्ताह के बीच होगी। सीएमओ भारत भूषण ने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा है।