सिखों के प्रथम गुरु श्री गुरुनानक देव का 547वां प्रकाशोत्सव सोमवार को धूमधाम से मनाया गया। शहर के पंजाबी कॉलोनी स्थित गुरुद्वारा में कीर्तन दरबार सजा और लोगों ने लंगर छका। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की शोभायात्रा शहर में निकाली गई। नगर कीर्तन शोभायात्रा के दौरान पंज प्यारे के करतब लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।
गुरुनानक देव के 547वें प्रकाशोत्सव पर सोमवार को विविध कार्यक्रम हुए। पंजाबी कॉलोनी स्थित गुरुद्वारे में सुबह नौ से दोपहर 11 बजे तक कीर्तन दरबार सजा। दोपहर 12 बजे से दो बजे तक श्री गुरुनानक विद्यालय के महाराजा रंजीत सिंह हाल में गुरु का लंगर हुआ। जिसमें सिख समुदाय के अलावा अन्य लोगों ने भी प्रसाद ग्रहण किया। दोपहर बाद नगर कीर्तन का आयोजन हुआ। नगर कीर्तन पर निकाली गई शोभायात्रा में पंजप्यारे के करतब लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।
शोभायात्रा गुरुद्वारा साहिब से निकलकर शाहगंज चौराहा, चौक, ठठेरीबाजार, उदासीन गुरुद्वारा लखनऊ नाका से सब्जी मंडी होते हुए पंजाबी मार्केट पहुंची। यहां से डाकखाना चौराहा होते हुए गुरुद्वारा साहिब पर पहुंच शोभायात्रा का समापन हुआ। शहर के प्रमुख मार्गों पर निकली शोभायात्रा में पुरुषों के साथ महिलाओं व बच्चों ने भी हिस्सा लिया। गुरुद्वारे में शाम सात से रात साढ़े आठ बजे तक कीर्तन दरबार व लंगर आयोजित किया गया।
प्रभात फेरी में सरदार सतनाम सिंह सलूजा, बलजीत सिंह, दलजीत सिंह कलेर, करनवीर सिंह, गुरचरन सिंह बग्गा, सतपाल सिंह व स्त्री सत्संग सभा का विशेष योगदान रहा।