सुल्तानपुर। पांच वर्ष में अपनी ग्राम पंचायतों को चमकाने का दावा ग्राम प्रधान ठोंक रहे हैं। ग्राम प्रधान पांच वर्ष की उपलब्धि में पंचायत भवन, सामुदायिक प्रसाधन, आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों का कायाकल्प करने के साथ स्वरोजगार के लिए महिला समूहों का गठन कराना बता रहे हैं।
स्कूूलों के कायाकल्प से गांव में ही बेसिक शिक्षा, सामुदायिक प्रसाधन से गांव को खुले शौच से मुक्ति कराने का प्रयास है। इसके साथ ही लाभार्थीपरक योजनाओं का संचालन ईमानदारी से करके पात्रों तक लाभ पहुंचाने का भी अपना प्रयास गिना रहे हैं। अब पांच साल बाद इन्हीं उपलब्धियों को लेकर वे फिर जनता के पास जाएंगे। ग्राम प्रधानों ने गांव के विकास की कहानी स्वयं साझा की है।
कुड़वार विकास खंड के ऊंचगांव ग्राम पंचायत में अब छात्रों को हाईस्कूल तक की शिक्षा गांव में ही मिल सकेगी। ग्राम पंचायत को सामुदायिक प्रसाधन व पंचायत भवन की सौगात मिल चुकी है। कई नाले का जीर्णोद्घार कराकर कृषि योग्य भूमि को सुरक्षित किया गया है।
इसके साथ ही मनरेगा से कई संपर्क मार्ग का निर्माण कराकर दूसरे राजस्व गांव व ग्राम पंचायतों को जोड़ा गया है। ग्राम प्रधान सुमन द्विवेदी बताती हैं कि शासन की मंशा के अनुसार सामुदायिक प्रसाधन निर्माण कराया गया। पंचायत भवन निर्माणाधीन है। कायाकल्प योजना के तहत प्राथमिक विद्यालय व जूनियर विद्यालय का जीर्णोद्धार कराते हुए आधुनिक बनाया गया।
व्यक्तिगत प्रयास से लाभार्थीपरक योजनाओं से सभी पात्रों को संतृप्त कर दिया गया है। ग्राम पंचायत में विभिन्न पेंशन, राशन कार्ड, आवास, व्यक्तिगत प्रसाधन योजना से कोई पात्र वंचित नहीं रह गया है। ग्राम पंचायत में खड़ंजा, नाली, तालाब का कार्य कराया गया।
कुड़वार विकास खंड के ग्राम पंचायत सरकौड़ा को आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक प्रसाधन, पंचायत घर व अंत्येष्टि स्थल की सौगात मिली है। इसके साथ ही ग्राम पंचायत में विभिन्न योजनाओं से नाली, खड़ंजा, इंटरलॉकिंग व संपर्क मार्ग का निर्माण कराकर ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा दी गई है।
ग्राम प्रधान ममता श्रीवास्तव बताती हैं कि ग्राम पंचायत से दूसरे राजस्व गांवों के साथ दूसरी पंचायतों को जोड़ने का प्रयास हुआ है। पांच वर्ष के भीतर कई उपलब्धियां ग्राम पंचायत ने हासिल की। ग्राम पंचायत करीब सौ सोलर लाइट से जगमग हो रहा है। दो प्राथमिक विद्यालय व दो जूनियर विद्यालय का कायाकल्प करते हुए कक्षाओं में टाइल्स लगवाए गए।
कक्षाओं को पढ़ने योग्य बनाया गया। ग्राम पंचायत में लाभार्थीपरक योजनाओं राशन कार्ड, आवास, पेंशन, शौचालय और निशक्तों को उपकरण वितरित कराया गया। प्रयास करके गांव में विद्युत उपकेंद्र की स्थापना कराई गई। पांच वर्ष में ग्राम पंचायत विकास के मामले में काफी आगे बढ़ा है।
धनपतगंज विकास खंड के विछौरा ग्राम पंचायत में पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक प्रसाधन की सौगात मिल चुकी है। जल संचयन के लिए तीन तालाबों का निर्माण भी विकास की सूची में शामिल है। ग्राम प्रधान रीता यादव बताती हैं कि शासन के निर्देश के क्रम में पांच साल में लाभार्थीपरक योजनाओं के साथ विभिन्न योजनाओं का कार्य चरणबद्ध तरीके से कराया गया।
आवास, विभिन्न पेंशन, व्यक्तिगत प्रसाधन का लाभ पात्रों को दिलाया गया। पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण कराया गया। स्ट्रीट लाइट से गांव की गलियों को रोशन किया गया। महिला स्वयं सहायता समूह का गठन कराकर महिलाओं को स्वरोजगारी बनाने की दिशा में कार्य किया गया।
नाली, खड़ंजा निर्माण व हैंडपंप मरम्मत का कार्य प्राथमिकता पर रहा। गांव में ईमानदारी से सभी योजनाओं को लागू कराया गया। पात्रों को संतृप्त करने का प्रयास रहा।
कूरेभार विकास खंड के मलिकपुर ग्राम पंचायत में पंचायत भवन निर्माण के साथ एक आंगनबाड़ी केंद्र का तोहफा ग्रामवासियों को दिलाया गया। गांव में आवागमन के लिए दो किमी खड़ंजा, 1100 मीटर इंटरलॉकिंग व मनरेगा से कई संपर्क मार्ग बनवाए गए। जलभराव की समस्या व कृषि योग्य भूमि बचाने के लिए नाला का निर्माण कराया गया।
ग्राम प्रधान अजय सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायतों के लोगों को पांच वर्ष में विकास कार्य कराकर काफी सहूलियतें दी गईं। प्राथमिक विद्यालय का कायाकल्प कराते हुए उसे आधुनिक रूप दिया गया। विद्यालय में एमडीएम शेड का निर्माण छात्रों के भोजन बनवाने के लिए कराया गया।
व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराकर ग्राम पंचायत को खुले शौच से मुक्त करने की दिशा में प्रयास किया गया। आवास, वृद्धा, विधवा पेंशन समेत अन्य लाभार्थीपरक योजनाओं से पात्रों को संतृप्त किया गया। पांच वर्ष का कार्यकाल उपलब्धियों भरा रहा।