भदैंया/दूबेपुर। बारिश शुरू होते ही ब़ृहस्पतिवार को जिले की बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई। एचटी लाइन, केबल बॉक्स और फीडरों में फॉल्ट से लोलेपुर, केएनआई और धम्मौर उपकेंद्र करीब पांच घंटे तक बंद रहे। कांशीराम फीडर तीन और पकड़ी उपकेंद्र दो घंटे ठप रहा। इससे करीब ढाई लाख आबादी को बिजली संकट झेलना पड़ा। बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों को पानी का संकट झेलना पड़ा।
पयागीपुर से लोलेपुर और केएनआई उपकेंद्र जाने वाली एचटी लाइन के केबल बॉक्स से बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे पक्षी टकरा गया। बॉक्स क्षतिग्रस्त होने से 60 से अधिक गांवों की आपूर्ति बंद हो गई। लोलेपुर, भुलकी, सोनबरसा और पखरौली समेत कई गांवों में शाम तक बिजली नहीं आई। पखरौली निवासी रवि शंकर, शोभनाथ, जफर, सुरेश गुप्ता, गोलू, सूरज सिंह और इरफान ने बताया कि इनवर्टर बैठने से मोबाइल चार्ज करने तक में दिक्कत हुई। जेई अशोक सिंह ने बताया कि बॉक्स की मरम्मत के बाद शाम सात बजे आपूर्ति बहाल कर दी गई। सातनपुर में राजीव गांधी योजना के तहत करीब 15 साल पहले बिछाई गई केबल बुधवार को कटकर गिर गई। जिससे पांच घंटे आपूर्ति बंद रही।
ग्रामीण रवि पांडेय की सूचना पर रात नौ बजे बिजली बहाल हुई। आशुतोष, हर्षित और मो. सलीम ने बताया कि पुरानी केबल आए दिन खराब होती है। जेई जियालाल के अनुसार नई केबल के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
अस्पताल और कार्यालय भी प्रभावित
अमहट। ट्रांसपोर्टनगर उपकेंद्र का कांशीराम फीडर दोपहर 12 से शाम तीन बजे तक बंद रहा। ट्रॉली में फॉल्ट से हनुमंतनगर, तुराबखानी, रानीगंज, तमेहड़ी, दूबेपुर, अमहट, अकारीपुर, छरौली और गोराबारिक समेत कई इलाकों की बिजली गुल रही।
इसके अलावा ट्रॉमा सेंटर, सीटी स्कैन सेंटर, सीएमओ कार्यालय, राजकीय टीबी अस्पताल, विश्व स्वास्थ्य संगठन कार्यालय और केंद्रीय विद्यालय परिसर भी प्रभावित हुए। जेई प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि बारिश के दौरान ट्रॉली में तकनीकी खराबी आई थी। पकड़ी उपकेंद्र की 33 हजार लाइन दोपहर करीब तीन से शाम पांच बजे तक बंद रही। इससे उतुरी, बालमपुर और भाईं फीडर से जुड़े करीब 50 गांव प्रभावित रहे।
धम्मौर के तीनों फीडर ठप, 50 हजार आबादी प्रभावित
धम्मौर। शाम करीब तीन बजे एचटी लाइन में फॉल्ट से उपकेंद्र के तीनों फीडर बंद हो गए। इससे करीब 50 हजार आबादी प्रभावित रही। घरों में पानी की मोटर नहीं चल सकी और मोबाइल चार्जिंग समेत जरूरी काम अटक गए। बनकेपुर और धम्मौर फीडर शाम पांच बजे, जबकि कूड़धाम फीडर साढ़े छह बजे चालू हुआ। जेई सचिन यादव ने बताया कि फॉल्ट दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई।