सप्ताह भर से हो रही उमस भरी गर्मी में बिजली कटौती ने लोगों को बेहाल कर दिया है। शहर में निर्धारित चार घंटे के बजाय छह घंटे तक विद्युत कटौती चल रही है। बीच-बीच में इमरजेंसी कटौती ने लोगों की दिक्कतें और बढ़ा दी हैं। इसकी वजह से लोगों में रोष बढ़ रहा है।
दिन व रात में चार घंटे के निर्धारित रोस्टर के बजाय शहर में छह से लेकर सात घंटे तक फॉल्ट के नाम पर बिजली कटौती चल रही है। दिन में दोपहर बाद एक से तीन बजे के अतिरिक्त फॉल्ट के नाम कई बार बिजली कटौती की जा रही है। यही हाल रात का है। रात में नौ से 11 बजे के निर्धारित रोस्टर के अतिरिक्त कटौती हो रही है। रोस्टर के अलावा बीच-बीच में रात की इमरजेंसी कटौती ने लोगों की दिक्कतें और बढ़ा दी हैं।
गर्मी में एकाएक रात व दिन का लोड बढ़ने से रात में अमूमन सोने के समय तीन घंटे की इमरजेंसी कटौती कर दी जाती है। रात में साढ़े 11 से ढाई बजे तक होने वाली इमरजेंसी कटौती से लोग सो नहीं पा रहे हैं।
हालांकि शनिवार रात इमरजेंसी बिजली कटौती से जिला मुक्त रहा लेकिन बढ़े लोड को देखते हुए अभी इमरजेंसी कटौती की संभावना बनी है। उमस में विद्युत लोड एकाएक बढ़ने से जर्जर संयंत्र व ट्रांसफार्मर भी फुंकने लगे हैं। रोजाना शहर के किसी न किसी मोहल्ले में ट्रांसफार्मर फुंकने से बिजली गायब रहने की समस्या बनी है। इसकी वजह से लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। एसडीओ पीयूष सिंह का कहना है कि लोड बढ़ने की वजह से कुछ दिक्कतें आई हैं।
शनिवार को इमरजेंसी कटौती नहीं हुई थी। इमरजेंसी कटौती का मैसेज एकाएक आता है। उसमें स्थानीय स्तर से कुछ नहीं किया जा सकता है।