सुल्तानपुर। साइबर ठगों ने मुंबई एटीएस अधिकारी बनकर भाजपा के एमएलसी शैलेंद्र प्रताप सिंह को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर फंसाने की कोशिश की। हालांकि उनकी सतर्कता से ठगों की साजिश नाकाम हो गई। संदेह होने पर एमएलसी ने बातचीत के दौरान ही फोन काट दिया और सूचना पुलिस को दी।
सीताकुंड निवासी शैलेंद्र प्रताप सिंह भाजपा सुल्तानपुर-अमेठी क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य हैं। उनके मुताबिक दो मार्च दोपहर करीब 12:22 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई एटीएस का अधिकारी बताया और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी मांगने लगा। आरोप है कि ठग ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट करने की बात करते हुए कमरे के दरवाजे बंद कर अकेले में बात करने के लिए कहा। आरोपी ने कुछ पैसे की मांग की। एमएलसी को शक हुआ और उन्होंने तुरंत फोन काट दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी।
एमएलसी के अनुसार उनके परिचितों ने जब उस नंबर पर कॉल किया तो पता चला कि वह नंबर मध्य प्रदेश के सतना जिले की एक महिला के नाम पर पंजीकृत है। सीओ नगर सौरभ सामंत ने बताया कि मामले में अज्ञात के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। डिजिटल अरेस्ट की घटना नहीं हुई है। साइबर ठग की पहचान कर प्रकरण की जांच की जा रही है।
अंजान कॉल से सचेत रहने की जरूरत
साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक अखंड देव मिश्र ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है। कोई भी यदि व्हाट्सएप या इंटरनेट कॉल पर फोन करके संदिग्ध बातें करे तो तत्काल इसकी जानकारी पुलिस को दें। तत्काल कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)