कादीपुर। राजा राम ने प्रजा की भलाई और धर्म की स्थापना पर ध्यान केंद्रित किया। देश के राजनेताओं को रामराज्य की स्थापना के लिए काम करना चाहिए। यह बात बाबा बजरंगदास ने जूनियर हाई स्कूल मैदान में चल रही नौ दिवसीय रामकथा के अंतिम दिन शुक्रवार को कही।
प्रवाचक ने बताया कि रावण को हराने के बाद जब राम अयोध्या लौटे तो उनके स्वागत के बाद गुरु वशिष्ठ ने अयोध्यावासियों की खुशी और देवताओं के समर्थन से उनका राज्याभिषेक किया। बाल व्यास संपूर्णानंद ने कहा कि राज्याभिषेक के बाद रघुनाथ ने संगी-साथियों को अपने पास बुलाया। कहा कि आप ने हमारी बड़ी सेवा की है। आप मुझे मेरे छोटे भाइयों, राज्य, संपत्ति व जानकी से भी अधिक प्रिय हो।
रामकथा के दौरान मौजूद सत्यनाथ मठ के पीठाधीश कपाली बाबा ने कहा कि राम कथा जीवन में मंगल लेकर आती है। भगवान राम और कृष्ण को जान लिया तो भारतीय संस्कृति को जान लेंगे। आयोजक सुरेंद्र प्रताप सिंह ने राम दरबार के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का समापन किया। (संवाद)