दीवानी न्यायालय परिसर में हुुए हंगामे के बाद बाहर निकले वकील व पुलिस कर्मी। स्रोत-सोशल मीडिया
सुल्तानपुर। धम्मौर क्षेत्र में गैस एजेंसी कर्मी से हुई लूट के मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किए जाने के दौरान दीवानी न्यायालय परिसर में पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच नोकझोंक व धक्कामुक्की हो गई।
अधिवक्ताओं ने एक आरोपी को गलत तरीके से फंसाने और अधिवक्ता के भाई के साथ पुलिस द्वारा अभद्रता किए जाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। हालात बिगड़ने पर एएसपी व सीओ समेत कई पुलिस अफसर पहुंचे। जिला जज और बार एसोसिएशन पदाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
मंगलवार को कोतवाली नगर क्षेत्र के पयागीपुर स्थित इंडेन गैस सर्विस के कर्मचारी विवेक तिवारी से महेश्वरगंज नहर पुल के पास लूट हुई थी। पुलिस ने बुधवार को कुड़वार के दाउदपुर बदौलिया निवासी विशद मिश्र और धम्मौर थाना क्षेत्र के उघरपुर निवासी सत्येंद्र सिंह को गिरफ्तार कर एसीजेएम कोर्ट में पेश किया।
प्रभारी मजिस्ट्रेट भव्या श्रीवास्तव की अदालत में रिमांड पर सुनवाई के दौरान सत्येंद्र सिंह की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। आरोप था कि सत्येंद्र सिंह को घर से उठाकर उसकी बाइक समेत थाने ले जाया गया और गलत तरीके से नामजद कर दिया गया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि सत्येंद्र सिंह के भाई एवं अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह से थाने में एसआई राकेश कुमार ओझा ने अभद्र व्यवहार किया।
रिमांड की कार्यवाही के दौरान अधिवक्ताओं ने विरोध जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते पुलिसकर्मियों और अधिवक्ताओं के बीच धक्कामुक्की व तीखी बहस भी हुई। अपर पुलिस अधीक्षक वृज नारायण सिंह व अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
एएसपी ने बताया कि गैस सिलिंडर डिलीवरी मैन से हुई लूट के मामले में आरोपी सत्येंद्र प्रताप सिंह निवासी उघरपुर, धम्मौर व आरोपी विशद मिश्र निवासी बदौलिया मजरे उत्तरगांव कुड़वार को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को जेल भेज दिया गया है।