संवाद न्यूज एजेंसी
सुल्तानपुर। सराफा डकैती कांड के आरोपी मंगेश यादव व उसके अज्ञात साथी के जरिए पुलिस टीम पर हुए हमले के केस में दाखिल फाइनल रिपोर्ट पर बुधवार को एसीजेएम प्रथम की अदालत का फैसला सामने आया। न्यायाधीश शुभम वर्मा ने इस मामले में दाखिल फाइनल रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है।
अदालत ने 26 जून को मामले के वादी एसटीएफ सीओ डीके शाही का बयान दर्ज करके पत्रावली को आदेश के लिए सुरक्षित कर लिया था। कोतवाली नगर के चौक इलाके में 28 अगस्त को असलहों से लैस बदमाशों ने भारत जी सोनी की दुकान से करोड़ों के जेवरात लूट लिए थे।
जौनपुर जिले के मंगेश यादव व उसके साथी को एसटीएफ सीओ डीके शाही ने पुलिस टीम के साथ पांच सितंबर को कोतवाली देहात के मिश्रपुर पुरैना के पास पकड़ने का प्रयास किया। आरोप के मुताबिक, जवाबी फायरिंग में मंगेश यादव की मौत हो गई थी, जबकि दूसरे आरोपी का पुलिस सुराग ही नहीं लगा सकी। विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह ने पूरी कर फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में पेश की थी, जिसमें एसटीएफ क्षेत्राधिकारी धर्मेंद्र कुमार शाही का बयान दर्ज हुआ। उन्होंने पुलिस की जांच से संतुष्ट होना बताया था।
जौनपुर न्यायालय में तत्कालीन एसपी व एसटीएफ सीओ डीके शाही समेत अन्य के खिलाफ मंगेश की हत्या के आरोप से जुड़ी अर्जी में सुनवाई सीजेएम जौनपुर की अदालत में लंबित है, जिसमें अदालत ने डीआईजी अयोध्या से रिपोर्ट तलब की है।