मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए कतार में मरीज व तीमारदार। संवाद
सुल्तानपुर। दिन में तेज धूप और सुबह-शाम की ठंड से बच्चे और बुजुर्ग सर्दी, खांसी, बुखार व वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के वार्ड बुजुर्ग मरीजों से फुल है, जबकि बाल रोग वार्ड में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। इनमें कई गंभीर मरीजों को आईसीयू में रखने की जरूरत पड़ रही है।
जांच में बुजुर्गों व बच्चों में निमोनिया के लक्षण मिल रहे हैं। चिल्ड्रेन वार्ड में 50 से अधिक बच्चे भर्ती हैं, अधिकांश में उल्टी-दस्त, बुखार और सीवियर निमोनिया के लक्षण हैं। कई में सांस व जकड़न की शिकायत है। चेस्ट फिजिशियन डॉ. आर धीरेंद्र का कहना है कि मौसम में उतार-चढ़ाव से खांसी, जुकाम, बुखार और सांस संबंधी मरीज बढ़े हैं। बृहस्पतिवार को ओपीडी में 1280 मरीज आए, जिसमें अधिकांश मरीज मेडिसिन विभाग के ही थे।
फिजिशियन डॉ. एसी गुप्ता ने बताया कि निमोनिया किसी भी उम्र में हो सकता है, बच्चों-बुजुर्गों में इससे खतरा अधिक होता है। हालांकि कई बच्चों में इसके स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते हैं। कुछ बच्चों में निमोनिया के कारण सांस की तकलीफ, उल्टी या खाने-पीने में परेशानी हो सकती है। पांच साल से कम उम्र के बच्चों में तेज सांस या घरघराहट जैसी दिक्कतें देखी जाती है। वृद्ध लोगों में सांस की जटिलताओं का खतरा अधिक देखा जाता रहा है। उन्होंने सलाह दी कि सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें, सिर और कान ढंककर रखें, ठंडा पानी न पीयें और ताजा भोजन का सेवन करें।