प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह निर्देश एक भाजपा नेता की शिकायत पर दिया है। भाजपा नेता ने सांसद की सांसद निधि में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। आरोप कि सांसद निधि से हैंडपंप व सोलर लाइट लगवाने का कार्य एक एनजीओ को दे दिया गया है। पीएमओ ने जांच के लिए सूबे के मुख्य सचिव को पत्र भेजा है।
भाजपा के पूर्व जिला मंत्री रमेश चंद्र शर्मा की ओर से सांसद वरुण गांधी की निधि से कराए जा रहे हैंडपंप व सोलर लाइट की स्थापना में गड़बड़ी की शिकायत ने हलचल मचा दी है। भाजपा नेता का पत्र मिलते ही प्रधानमंत्री कार्यालय ने सांसद वरुण गांधी की निधि से स्थापित कराए जा रहे इंडिया मार्का टू हैंडपंप व सोलर लाइट स्थापना की जांच के निर्देश दिए हैं।
पीएमओ ने सूबे के मुुख्य सचिव को पत्र भेजकर इसकी जांच कराने को कहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजे गए शिकायती पत्र में भाजपा नेता ने सांसद निधि से लगवाए जा रहे इंडिया मार्का टू हैंडपंपों व सोलर लाइटों की स्थापना का कार्य इलाहाबाद के एक एनजीओ को देने का आरोप लगाया है।
आरोप है कि इलाहाबाद की एक संस्था यूपीएसआईसी को न्यूनतम दर में हैंडपंप की स्थापना का कार्य देकर घटिया कार्य कराया जा रहा है। साथ ही संस्था से कमीशनखोरी की जा रही है। अच्छा हैंडपंप लगाने वाली संस्था जलनिगम को कार्य नहीं दिया गया। विकास कार्यों में संगठन के लोगों को भी विश्वास में नहीं लेने का आरोप भाजपा नेता ने लगाया है।
रजिस्टर्ड संस्था को दिया गया कार्य
सांसद वरुण गांधी के निजी प्रतिनिधि नसीब सिंह सिद्धू का कहना है कि शासन में रजिस्टर्ड संस्था को ही हैंडपंप का कार्य दिया गया है। यदि किसी को कुछ शिकायत है तो जांच हो जानी चाहिए। कार्य किस संस्था से कराया जाना चाहिए या नहीं यह देखना अधिकारियों का कार्य है।
संस्था सही: परियोजना निदेशक
ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक फूलचंद्र जायसवाल ने कहा कि मुख्य सचिव का पत्र आया है। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। कार्य पाने वाली संस्था सही है।