एक दिन के भीतर जिले में 7.30 लाख पौधों का रोपण कर रिकॉर्ड बनाने की कवायद में अधिकारियों ने सूखे व मानकविहीन पौधे रोपित करवा दिए। सोमवार को देर शाम तक किए गए कागजी पौधरोपण के दावे की 24 घंटे के भीतर ही पोल खुल गई है।
जयसिंहपुर तहसील के शाहपुर लपटा और गौरा ग्राम पंचायत में रोपे गए 14 हजार पौधों में अधिकांश सूखे पाए गए हैं। यहां न मानक के मुताबिक गड्ढे खोदे गए हैं न ही पौधे गुणवत्ता पर खरे हैं। सकते में आया विभाग अब इसकी जांच करवाने की बात कह रहा है।
एक दिन में लक्ष्य के मुताबिक 7.30 लाख पौधरोपण कर सरकार के वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल होने की वाहवाही में वन विभाग के कारनामे का खुलासा हुआ है। सोमवार को वन विभाग ने लक्ष्य के मुताबिक शत-प्रतिशत सात लाख 30 हजार 528 पौधरोपण का दावा कर प्रशासन व शासन की वाहवाही लूट ली लेकिन दूसरे ही दिन सच सामने आया है। पौधरोपण के लिए जिन स्थानों पर वन महकमे की ओर से पौधे भेजे गए वे विभागीय मानक पर पहले से ही खरे नहीं रहे। पौधरोपण के वनडे मिशन में सूखे एवं मानकविहीन पौधों की आपूर्ति कर दी गई।
मिशन में बिना पौधों को देखे ही उसे रोप दिया गया। 24 घंटे के भीतर ही वन विभाग के इस अभियान की पोल खुल गई। मोतिगरपुर ब्लॉक के शाहपुर लपटा गांव में पौधरोपण का सच देखने को मिला है। गांव में मानक के विपरीत छोटे पौधे रोपित कर दिए गए हैं। यहां पर चार हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। ग्रामीणों के मुताबिक रोपित किए गए 90 फीसदी पौधे दो फिट से भी छोटे हैं। इससे बुरा हाल जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के गौरा खेमाजितपुर गांव में का है। स्थिति यह है कि शायद यही यहां रोपित किया गया कोई पौधा वृक्ष की शक्ल अख्तियार कर सके।