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जनता के 3.52 करोड़ बर्बाद करने की तैयारी

Thu, 09 Jun 2016 12:03 AM IST
अमर उजाला/सुल्तानपुर
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मालती नदी पर पु‌ल बनाने का आश्वासन पूरा नहीं हुआ। - फोटो : अमर उजाला
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संग्रामपुर ब्लॉक के दला का पुरवा (छाछा) में मालती नदी पर पुल बनाने की स्वीकृति देकर प्रदेश सरकार ने जनता के 3.52 करोड़ रुपये पानी में डालने की तैयारी कर ली है। कैबिनेट मंत्री के प्रस्ताव पर शासन न सिर्फ पीडब्ल्यूडी को धन आवंटित कर चुका है बल्कि पुल की आधारशिला रखने के लिए 13 जून की तिथि भी नियत हो चुकी है।
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पुल से जनता को मिलने वाले लाभ की बात करें तो इससे महज एक गांव के सैकड़ा भर लोगों को ही सुविधा मिलेगी। प्रस्तावित पुल में हजारों लोगों के हितों की अनदेखी की गई है। यह पुल जहां बन रहा है वहां से महज 500 मीटर पर नदी पर पहले से पुल बना है। 

लोगों की मांग पर प्रदेश सरकार के भू-तत्व एवं खनिकर्म मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने बीते दिनों पीडब्ल्यूडी के माध्यम से संग्रामपुर ब्लॉक के गांव दला का पुरवा (छाछा) में एक पुल बनाने का प्रस्ताव शासन को भेेजा था।
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मंत्री की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में इस पुल के बनने से दर्जनों गांवाें की करीब 20 हजार से अधिक आबादी को सुविधा मिलने की बात कही गई थी। हजारों लोगों की सुविधा को देखते हुए शासन ने पुल को स्वीकृति प्रदान करते हुए पीडब्ल्यूडी के डीपीआर के आधार पर 3.52 करोड़ रुपये भी अवमुक्त कर दिए।

बताया जा रहा है कि 13 जून को काबीना मंत्री समारोहपूर्वक इस पुल की अधारशिला भी रखेंगे। दला का पुरवा में बनने वाले इस पुल से हजारों नहीं बल्कि मात्र एक गांव (पूरे भौरहा मिश्र) के बमुश्किल सैकड़ा भर लोगों को सुविधा मिलेगी।

और तो और जिस गांव में जिस स्थान पर पुल बनवाने को स्वीकृति मिली है उसी गांव में मात्र पांच सौ मीटर दूर दो दशक पहले से एक पुल बना हुआ है। यानी जिनकी सुविधा के लिए यह पुल बनाया जा रहा है उन्हें भी प्रतापगढ़ की बाजार अंतू जाने के लिए तय की जाने वाली दूरी में मात्र एक किलोमीटर की दूरी कम तय करनी होगी। 

जिस स्थान पर पुल बनाने को स्वीकृति दी गई है उसके दोनों तरफ करीब दो किलोमीटर के दायरे में कोई सड़क नहीं है। पुल को संचालित करने के लिए दोनों तरफ पक्की सड़क भी बनानी होगी जिस पर करीब एक करोड़ की अतिरिक्त लागत आएगी।

भादर विकास खंड के गांव घोरहा को सीधे अंतू से जोड़ने के लिए बील्हापुर के डांड़ी घाट और टीकरमाफी को अंतू से जोड़ने के लिए अमटाही के जमादार का पुरवा में पुल बनाने की हजारों लोगों की मांग बीते दो दशक से अधूरी है। मांग पूरी नहीं होने की यह स्थिति तब है जब इन दोनों घाटों तक दोनों ओर पहले से सड़क भी बनी हुई है।

छाछा में पुल स्वीकृत होने की खबर पर बील्हापुर, पूरे ओबरिहन, पलिया, शिवगढ़, सरैया, घोरहा, रामप्रसाद का पुरवा, बनबीरपुर, अमटाही, तिवारी का पुरवा व दूबे का पुरवा सहित कई गांवों के हजारों लोग खासे नाराज हैं।

अमटाही के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजकुमार सिंह, जमादार का पुरवा के कृष्ण मिलन मिश्र व शीतला प्रसाद, अमटाही के रामअवध यादव तथा बील्हापुर के संतराम प्रजापति ने छाछा में स्वीकृत पुल को निष्प्रयोज्य करार दिया है।

इन लोगों का कहना है कि छाछा में पांच सौ मीटर की दूरी पर दूसरा पुल बनाने के बजाय इसे बील्हापुर के डाड़ी घाट या अमटाही के जमादार का पुरवा में बनवाया जाए।

पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन डीके मिश्र ने छाछा में पुल बनने की बात स्वीकार करते हुए 500 मीटर दूरी पर दूसरा पुल होने की जानकारी से इंकार किया। मिश्र ने कहा कि उनके विभाग का काम सिर्फ निर्माण करना है।
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हालांकि निर्धारित मानक के अनुसार एक पुल से दूसरे पुल के बीच न्यूनतम कितनी दूरी होनी चाहिए इस सवाल पर एक्सईएन ने कोई जवाब नहीं दिया।

 
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