सुल्तानपुर। ठंड व कोहरे को देखते हुए रेलवे की ओर से रेलपथ पर ड्यूटी करने वाले पेट्रोल मैन व की-मैन को विंटर जैैकेट दी जाएगी। यह जैकेट रेटो रिफ्लेक्टिव टेप से युक्त है। जो हल्की रोशनी में भी दूर से आसानी से दिखाई दे जाती है।
जैकेट का वितरण कार्य स्थानीय रेल उप मंडल की ओर से शुरू कर दिया गया है। लखनऊ-वाराणसी रेलपथ पर काम करने वाले करीब 120 रेल कर्मियों को यह सुविधा नए साल से पहले मिल जाएगी।
रेलवे की ओर से रेल पथ पर काम करने वाले पेट्रोल व की-मैन को ठंड से बचाव के लिए विंटर जैकेट दी जाएगी। पेट्रोलमैन व की-मैन कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच देर रात से सुबह तक ट्रैक की जांच पड़ताल करते हैं।
प्रत्येक पेट्रोलमैन सिंगल ट्रैक में चार किमी एवं डबल ट्रैक में दो किमी ट्रैक की पेट्रोलिंग करता है। कहीं भी ट्रैक पर दरार पाई जाती है, ट्रैक के नीचे से मिट्टी-गिट्टी खिसकती है तो इसकी सूचना पेट्रोल मैन सीधे कंट्रोल रूम को देेता है। इसी से मिलता जुलता कार्य की मैन का भी होता है।
ट्रैक के ज्वॉइंट प्वाइंट का निरीक्षण समेत अन्य कार्य उसकी जिम्मेदारी में आते हैं। बढ़ती ठंड को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन की ओर से इन कर्मियों को उच्चस्तरीय विंटर जैकेट उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है। यह जैकेट रेटों रिफ्लेक्टिव टेप से युक्त है।
इससे रात्रि में कार्य के दौरान रेलकर्मी रोशनी पड़ने पर दूर से पहचान में आ जाएंगे। स्थानीय रेल उप मंडल में लखनऊ-वाराणसी रेलपथ पर कार्यरत 120 रेलवे कर्मचारियों (की-मैन व पेट्रोल मैन) को विंटर जैकेट उपलब्ध कराई जाएगी। रेलवे की ओर से विंटर जैकेट का वितरण भी शुुुरू करा दिया गया है।