जिला पंचायत वार्ड संख्या 12 के नतीजों में गड़बड़ी को लेकर बुधवार को एक प्रत्याशी के समर्थक सड़क पर उतर पड़े। समर्थकों ने दोपहर को लखनऊ-बलिया राजमार्ग जाम कर दिया। जाम के दौरान प्रत्याशी समर्थक हंगामा व नारेबाजी करते रहे। अधिकारियों के काफी समझाने-बुझाने के बाद भी प्रदर्शनकारियों के नहीं मानने पर पुलिस व पीएसी ने उन्हें जबरन सड़क से हटाया। करीब तीन घंटे राजमार्ग जाम से यात्रियों को बहुत परेशानी उठानी पड़ी।
मतगणना व नतीजों के वितरण में गड़बड़ी को लेकर जिले में शुरू हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पीड़ित प्रत्याशियों की शिकायत का संज्ञान नहीं लिए जाने से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट व जिला पंचायत में बवाल के बाद बुुधवार को जिला पंचायत वार्ड संख्या 12 की मतगणना व नतीजा वितरण में गड़बड़ी के विरोध में पांडेयबाबा कस्बे में लखनऊ-बलिया राजमार्ग जाम हो गया। इस वार्ड के प्रत्याशी छोटेलाल के समर्थकों ने दोपहर बाद कस्बे में राजमार्ग को जाम कर हंगामा शुरू कर दिया।
नारेबाजी कर रहे प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर हारे हुए प्रत्याशी को जीत का प्रमाण पत्र देने का आरोप लगाया। आयोग व जिला निर्वाचन अधिकारी भेजी शिकायत में छोटेलाल ने आरोप लगाया कि ब्लॉक में गणना के दौरान जिला पंचायत के एआरओ ने उनकी लीड 187 मतों से बताकर प्रमाण पत्र लेने के लिए जिला मुख्यालय भेजा। जिला पंचायत में गोकरण को प्रमाण पत्र दे दिया गया। करीब तीन घंटे राजमार्ग पर चले प्रदर्शन से सड़क पर लंबा जाम लग गया। यात्रियों को बड़ी परेशानी हुई।
काफी समझाने-बुझाने के बाद भी प्रदर्शनकारियों के सड़क से नहीं हटने पर अधिकारियों को पुलिस व पीएसी बुलानी पड़ी। अधिकारियों ने पुलिस व पीएसी की मदद से जबरन प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया। कस्बे में पुलिस व पीएसी की मौजूदगी से स्थानीय लोगों में रोष है। एसडीएम रमेश चंद्र शुक्ल का कहना है कि छोटेलाल को गुरुवार को डीएम से बात कराने को कहा गया है। वार्ता के बाद ही कोई निर्णय हो सकेगा।