सुल्तानपुर। प्रदेश सरकार के बजट से जिले में स्वीकृत मेडिकल कॉलेज के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। बजट में जिला अस्पतालों को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बनाने के सरकार के प्रावधान से निर्माण जल्द शुरू होने के आसार हैं।
मेडिकल कॉलेज बनने से मेडिकल शिक्षा के साथ मरीजों को जिले में ही बेहतर इलाज मिल सकेगा। इसके साथ ही कृषि, महिला सशक्तीकरण, छात्रवृत्ति व आवास के लिए भारी-भरकम धनराशि के प्रावधान से इन क्षेत्रों में नई जान आ सकेगी।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से पावर कॉर्पोरेशन पर लोगों की निर्भरता घटेगी। साथ ही कम खर्च में लोग सुविधा पा सकेंगे। जल जीवन मिशन में बड़े बजट के प्रावधान से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घरों में टोंटियों से पानी आने की उम्मीद बढ़ी है। साथ ही धनराशि की कमी से रुकी कई योजनाओं के पूरे होने के आसार बढ़ गए हैं। चालू वर्ष की जिला योजना की तकरीबन आधी धनराशि ही आवंटित होने से कार्य प्रभावित रहे।
शासन ने जिले में जिला अस्पताल को उच्चीकृत करते हुए मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति दी है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज के नाम दूबेपुर में भूमि भी उपलब्ध करा दी है।
प्रदेश सरकार की ओर से बजट में जिला अस्पतालों को उच्चीकृत करके मेडिकल कॉलेज बनाने का प्रावधान करने से अब मेडिकल कॉलेज निर्माण की आस जाग गई है। निर्माण पर करीब 325 करोड़ रुपये की लागत मंजूर है। बजट में प्रावधन से अब धनराशि आवंटित होने की उम्मीद बढ़ गई है। इसका लाभ जिले की करीब 26 लाख आबादी के साथ आसपास के जिलों को भी मिल सकेगा।
बजट में प्रदेश सरकार की ओर से किसानों पर अधिक फोकस किए जाने से उन्हें बेहतरी की उम्मीद जगी है। उर्वरक, कृषि यंत्र, बीज पर अनुदान समेत उन्नत खेती के लिए आधुनिक तकनीक पर सरकार की ओर से बड़ी धनराशि का प्रावधान करने से किसानों की स्थिति बेहतर हो सकेगी।
कृषि यंत्र अनुदान पर मिलने से श्रम के लिए उन्हें मजदूरों की कमी का एहसास नहीं होगा। मजदूरों के बजाय किसान कृषि यंत्रों का प्रयोग करके खेती करा सकेंगे। जैविक खादों को बढ़ावा देने के सरकार के कदम से खेती की उर्वरा शक्ति भी बरकरार रहेगी।