सुल्तानपुर। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को अब विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए शहर की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्हें पढ़ने के लिए अलग-अलग प्रकाशन की पुस्तकें पंचायत भवनों में संचालित डिजिटल लाइब्रेरी में ही उपलब्ध मिल सकेंगी। छोटे बच्चों के लिए भी विभिन्न रोचक कहानियां, उपन्यास व अन्य प्रकार की किताबें भी रहेंगी। विद्यार्थी पुस्तकों को पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ाने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी गांव में रहकर ही आसानी से कर सकेंगे।
शासन ने विभिन्न पदों की सेवाओं की तैयारियों के लिए पहले चरण में 139 ग्राम पंचायतों के पंचायत भवनों पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए पंचायतों के चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। लाइब्रेरी के लिए प्रति ग्राम पंचायत के हिसाब से शासन ने चार लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इससे चयनित पंचायत भवनों में एलईडी टीवी, फर्नीचर, पुस्तकों की व्यवस्था की जानी है।
लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए जिला स्तर पर सीडीओ की अध्यक्षता में डीएम की ओर से गठित कमेटी ने 90 हजार रुपये तक की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं व कहानियों की पुस्तकों को खरीदने की मंजूरी भी दे दी है। मंजूरी मिलने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी अभिषेक शुक्ल ने प्रकाशकों से आवेदन मांगा है। उन्होंने बताया कि इसमें पाठ्यपुस्तकों को छोड़कर अन्य किताबें मंगाई जाएंगी।
पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि आवेदन के बाद चयनित प्रकाशक या एजेंसी की ओर से ग्राम पंचायतों में पुस्तकों की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए एक सप्ताह में आवेदन करना होगा। लाइब्रेरी खुलने से ग्राम पंचायतों में विद्यार्थियों को गांव में पठन पाठन की सुविधा के साथ ही एलईडी टीवी व इंटरनेट से ऑनलाइन जानकारी भी मिल सकेगी।