सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज परिसर सोमवार सुबह 10:00 बजे ही खचाखच दिखा। परचा काउंटर पर लंबी कतार, गलियारों में बैठे-लेटे मरीज और हर दरवाजे के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते लोग, इलाज से ज्यादा इंतजार का दबाव नजर आया। गर्मी और उमस के बीच मरीजों के लिए यह इंतजार किसी सजा से कम नहीं रहा।
सोमवार को 1735 नए मरीजों ने पंजीकरण कराया, जबकि करीब 1500 पुराने मरीज भी इलाज के लिए पहुंचे। सबसे ज्यादा भीड़ मेडिसिन विभाग में रही, जहां उल्टी-दस्त, बुखार और पेट दर्द से परेशान लोग फाइल हाथ में लिए खड़े दिखे।
फिजिशियन कक्ष के बाहर मरीजों को डॉक्टर तक पहुंचने में एक घंटे से अधिक समय लग गया। कई बुजुर्ग थककर फर्श पर बैठ गए, तो कुछ दीवार का सहारा लेकर खड़े रहे। अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर निराशा और गुस्सा दोनों दिखा। दरवाजे पर टंगा एक छोटा सा नोटिस “आज जांच नहीं होगी” मरीजों के लिए बड़ा झटका बन गया।
पहले से ही सप्ताह में दो दिन चलने वाली यह सेवा सोमवार को रेडियोलॉजिस्ट के कोर्ट एविडेंस में जाने के कारण पूरी तरह बंद रही। तीन दिन से अल्ट्रासाउंड जांच के लिए इंतजार कर रहे राम लवट बोले कि सरकारी अस्पताल आए थे कि पैसे बचेंगे, लेकिन 900 रुपये देकर बाहर जांच करानी पड़ी। मरीज रुबीना ने भी कहा कि यहां सुविधा नहीं मिली, मजबूरी में बाहर जाना पड़ा।
दवा काउंटर पर हालात और भी मुश्किल दिखे। लंबी कतार में खड़े मरीज धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे। मो. अकरम ने बताया कि डेढ़ घंटे से लाइन में हैं। दवा मुफ्त है, लेकिन इतना इंतजार करना पड़ता है कि हालत खराब हो जाती है।
बुजुर्ग राम पदारथ ने कहा कि अलग काउंटर होने के बावजूद भी राहत नहीं है, यहां भी लंबा इंतजार करना पड़ता है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव और लू के कारण पेट और संक्रमण से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ी हैं, जिससे मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
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जल्द व्यवस्था सुधारी जाएगी
रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को मरीजों की संख्या बढ़ना सामान्य है। स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, जल्द व्यवस्था सुधारी जाएगी।
-डॉ. एसी गुप्ता, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज