सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज में भर्ती दिल के एक मरीज को ईसीजी कराने के लिए ओपीडी तक जाना पड़ा। ईसीजी के बाद उसकी मौत हो गई। इसे लापरवाही माना जा रहा है क्योंकि मरीज का बेड पर ही ईसीजी कराया जाना चाहिए था। इस मामले को लेकर प्राचार्य बेहद गंभीर हैं और उन्होंने इस मामले की जांच कराने की बात कही है।
धनपतगंज थाना क्षेत्र के लोहंगी गांव निवासी रामभवन यादव के 22 वर्षीय पुत्र अजय के दिल में छेद था। उसे शुक्रवार दोपहर एक बजे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह चिकित्सक ने राउंड के दौरान उसका ईसीजी कराने को कहा तो परिजन उसे पैदल ही लेकर ओपीडी चले गए।
ईसीजी के बाद वह गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। मौत हो जाने के बाद परिजनों ने काफी देर तक स्ट्रेचर की तलाश की और फिर उसे एंबुलेंस से लेकर घर की ओर रवाना हो गए। हालांकि चिकित्सकों के समझाने के बाद परिजनों ने किसी तरह का विरोध नहीं किया।
इस बारे में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके गोयल ने बताया कि उन्हें इस तरह की घटना की जानकारी नहीं है। उन्हें केवल यह जानकारी मिली है कि आयुष्मान भारत के तहत भर्ती एक मरीज की मौत हो गई है।
उन्होंने कहा कि यदि दिल का मरीज था तो उसका ईसीजी बेड पर ही किया जाना चाहिए था। बेड पर ही ईसीजी करने के निर्देश हैं। वे इस मामले में फाइल देखने के बाद ही विस्तार से जानकारी दे सकेंगे।
मामले की कराएंगे जांच : प्राचार्य
प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने कहा कि यदि इस तरह की घटना हुई है तो यह बेहद गंभीर है। वे इस मामले की जांच कराएंगे और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।