सुल्तानपुर। सुरेश प्रभुु के नए रेल बजट 2016 से यात्रियों को काफी उम्मीदें हैं। जिले के लोगों ने नए बजट से किराये की कमी सुरक्षा और सुविधा की आस लगा रखी है। पिछले बजट में सुल्तानपुर को कुछ खास नहीं मिला था। लोगों को उम्मीद है कि पिछले बजट की लंबित परियोजनाओं के लिए भी रेल बजट में प्रबंध किए जाएंगे।
सुरेश प्रभु ने रेल बजट 2016 को फाइनल टच दे दिया है। बृहस्पतिवार को सदन में रेल बजट पेश होना है। यात्रियों को नए बजट से काफी उम्मीदें हैं। रेल यात्रियों का कहना है कि पिछले बजट में अपेक्षित सुविधाओं की घोषणा नहीं की गई। इस बार यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखा जाएगा। कुड़वार निवासी अनिल कुमार का कहना है कि ट्रेनें समय से संचालित होनी चाहिए।
रिजर्वेशन सिस्टम भी खराब हो चुका है। दलालों की भरमार रहती है। धनपतगंज ब्लॉक के चंदौर गांव निवासी श्यामा पांडेय कहती हैं कि ट्रेनों की टाइमिंग सही होने के लिए भी व्यवस्था होनी चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा के लिए बोगियों में सीसीटीवी कैमरे लगने चाहिए। अंबेडकरनगर जनपद निवासी प्रिंस जायसवाल का कहना है कि किराया बढने के साथ-साथ सुविधाओं में भी वृद्धि होनी चाहिए। बोगियों की दशा अत्यंत खराब है। सफर के दौरान लोगों को मोबाइल चार्जिंग आदि के लिए परेशान होना पड़ता है। वॉशिंग रूम की हालत भी सही नहीं रहती है जिससे प्रसाधन कक्ष का उपयोग करने में यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। केएनआई के छात्र प्रवीन शुक्ला का कहना है स्टेशनों पर पेयजल की समस्या है। छोटे स्टेशनों पर पीने के पानी के इंतजाम नहीं है।
नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे
रेल मंत्री ने बजट 2014-15 में रेलवे स्टेशनों को सीसीटीवी कैमरे के घेरे में लेने की घोषणा की थी। बजट के करीब चार माह बाद जीआरपी से सीसीटीवी कैमरे लगाने की संख्या व स्थानों का निर्धारण कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया था। भेजी गई रिपोर्ट के बावजूद आज तक सुल्तानपुर जंक्शन पर एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लग सका है। मुख्य प्रवेश गेट पर लगने वाला मेटल डिटेक्टर भी जीआरपी थाने में मरम्मत की प्रतीक्षा कर रहा है।
नहीं बन सकी स्वचालित सीढ़ी
रेलवे स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी लगने का प्रोजेक्ट भी अभी अधूरा है। पिछले साल इसके लिए बजट भी पास किया गया था। तकरीबन 50 लाख रुपये से अधिक के इस प्रोजेक्ट को पिछले साल ही पूरा हो जाना था। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस वर्ष प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो सकता है।