अलीगंज कस्बे में सड़क के किनारे खड़े वाहन। संवाद
बंधुआकलां (सुल्तानपुर)। हाईवे किनारे खड़े वाहनों से न जाने कितनी बार हादसे हुए और कितनों की जान गई लेकिन हालात जस के तस हैं। लखनऊ-वाराणसी हाईवे का किनारा वाहनों का पार्किंग स्थल बन गया है। मोटरसाइकिल और कार ही नहीं, भारी वाहन भी सड़क किनारे खड़े किए जा रहे हैं। इसकी वजह से यहां हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
जिला मुख्यालय से लखनऊ की तरफ अमहट चौराहा से सड़क के किनारे गाड़ियों के पार्किंग का सिलसिला शुरू हो जाता है। दादूपर, हसनपुर गुमटी, लोधेपुर, हुसैनगंज, बंधुआकलां, सहाबागंज, इस्लामगंज, असरोगा, रवनियां, दाउदपुर और अलीगंज तक ऐसा नजारा देखा जा सकता है। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय प्रशासन का ध्यान इस तरफ आकृष्ट कराया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
सर्विस रोड नहीं होने से बढ़ी दिक्कत
ग्रामीणों का कहना है कि लखनऊ-सुल्तानपुर फोरलेन जब से बना है उसी समय से आबादी वाली जगहों पर वाहनों को खड़ा किया जा रहा है। बृजेश श्रीवास्तव, हैदर नकवी, पूर्व प्रधान मनियारपुर मीसम हुसैन, प्रधान सहाबागंज पवन यादव, हसनपुर के पूर्व प्रधान इंद्र नारायण तिवारी ने बताया कि सड़क निर्माण के एनएचएआई को सर्विस रोड बनाना था। सर्विस रोड नहीं बनने से दिक्कत आ रही है।